बरेली: .सड़कों से हरियाली उजाड़ दी पर पौधा एक भी नहीं रोपा
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर शहर की प्रमुख सड़कों से हरियाली उजाड़ दी गई लेकिन पर्यावरण दिवस के मौके पर अधिकारियों ने एक भी पौधा नहीं रोपा, जबकि दावा किया गया था कि सड़क किनारे पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों ने शहर के भीतर पर्यावरण दिवस के मौके पर पौधरोपण लगाने के कार्यक्रम …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर शहर की प्रमुख सड़कों से हरियाली उजाड़ दी गई लेकिन पर्यावरण दिवस के मौके पर अधिकारियों ने एक भी पौधा नहीं रोपा, जबकि दावा किया गया था कि सड़क किनारे पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों ने शहर के भीतर पर्यावरण दिवस के मौके पर पौधरोपण लगाने के कार्यक्रम तक आयोजित नहीं किए।
पौधा लगाना तो दूर, उखाड़ने का क्रम जारी है। अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के नाम पर चौड़ी की गईं सड़कों के किनारे कहीं जगह नहीं बचाई, जहां पौधे लगाए जा सकते हैं। शहर की कुछ सड़कें ऐसी थीं, जहां लगे पेड़ लोगों को सुकून देते थे। शहर में स्टेडियम रोड चौड़ी की गई। कई पुराने छायादार पेड़ों पर आरी चलाई। सुंदरता के नाम पर पेड़ों का बलिदान दिया गया। अब वही जगहें तप रही हैं। दूर तक छांव नहीं दिखती हैं।
स्मार्ट सिटी की संस्था ने मंत्री के आदेश को हवा में उड़ाया
वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार ने कहा था कि सड़क किनारे फुटपाथ के बाद बची जगहों पर पेड़ लगाए जाएंगे लेकिन शहर को स्मार्ट बनाने वाली संस्था के लोगों ने मंत्री के निर्देश को हवा में उड़ा दिया है। इसकी बानगी देखनी हो तो चौपुला से चौकी चौराहे रोड पर देख सकते हैं।
एक तरफ पुलिस लाइन है दूसरी तरफ मिशन अस्थ्पताल। चौपुला से आते समय मिशन अस्पताल की तरफ इस समय फुटपाथ बनाने का काम चल रहा है। लेकिन यहां कहीं भी देखने से नहीं लगता है कि इस जगह कोई पौधा रोपा जा सकेगा। सड़क की दूसरी पटरी की तरफ भी ऐसा ही हाल दिखता है। चौकी चौराहे से पटेल चौक की तरफ बढ़ें तो बटलर, उसके बगल में पेट्रोल पंप, मिशन मार्केट और फिर पेट्रोल पंप इतनी दूर में फुटपाथ निर्माण की जगह तो दिख रही है लेकिन पौधे कहां लगेंगे। इसकी जगह नहीं है। आगे कुछ जगह फुलवारी लगाने की व्यवस्था दिखी है।
चौकी चौराहे से गांधी उद्यान के बीच में पौधा लगाने को जगह नहीं
चौकी चौराहे से गांधी उद्यान की तरफ जाने पर आयकर भवन, व्यावसायिक भवन तक पौधे लगाने की कोई व्यवस्था नहीं गई है। सड़क चौड़ी करने के साथ साथ नाला भी बनाया गया है। यह अभी अधूरा ही है। आईओसी पेट्रोल पंप के सामने हरियाली करने का कुछ इंतजाम किया जा रहा है। इसके आगे भी फुलवारी बनाने के लिए क्यारियां बनाई जा रही हैं। यह हाल कुछ दूरी तक ही है फिर पक्का निर्माण है और कहीं पौधे लगाने की जगह नहीं है।
पेड़ों पर आरी खूब चलाई पौधरोपण के प्रयास एक भी नहीं
गांधी उद्यान से शहामतगंज की तरफ बढ़ें तो शुरुआत में तो सड़क के बाद नाला निर्माण हो रहा है। विकास भवन के सामने कुछ पेड़ दिखते हैं। शहामतगंज तक सड़क के एक तरफ कहीं कहीं पेड़ों पर अभी स्मार्ट सिटी वालों की नजर नहीं पड़ी है इसलिए बचे हैं। शहामतगंज बाजार करके ईट पजाया के चौराहे से डेलापीर तक पेड़ों पर बेरहमी से आरी चलाई गई। छायादार पेड़ों को काट डाला गया लेकिन अब यह मार्ग बिना छांव वाला मार्ग बन गया है। नगर निगम अफसरों ने कहा था यहां सड़क किनारे पौधे लगाए जाएंगे।
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