बहराइच: वन्य जीवों के हमले से बचाने के लिए सेवार्थ फाउंडेशन की ओर से ग्रामीणों के साथ हुई बैठक
बहराइच। वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने और वन्य जीवों के हमले से बचाने के ग्रामीणों की बैठक हुई। एक स्वर में सभी ने तार फेंसिंग किए जाने की मांग की। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे गांवों में गांवों में निवास करने वाले लोगों को बाघ और तेंदुए के हमले में जान गंवानी …
बहराइच। वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने और वन्य जीवों के हमले से बचाने के ग्रामीणों की बैठक हुई। एक स्वर में सभी ने तार फेंसिंग किए जाने की मांग की।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे गांवों में गांवों में निवास करने वाले लोगों को बाघ और तेंदुए के हमले में जान गंवानी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर वन ग्राम में निवास करने वाले लोगों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इसको लेकर सेवार्थ फाउंडेशन के बैनर तले सामाजिक अधिकार मंच के जंग हिंदुस्तानी ने ग्रामीणों के साथ बैठक की।
वन ग्राम टेडिया और चहलवा में आयोजित बैठक में वन ग्रामों की लड़ाई लड़ने वाले सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि वन ग्रामीण पक्का मकान भी नहीं बनवा सकते। इसके बाद भी वन्य जीवों से बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने सरकार से मांग किया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जाए। सभी ने वन्य जीवों के हमले से बचने के लिए जंगल के किनारे तार फेंसिंग, पक्के मकान और पक्के शौचालय दिए जाने की मांग की। इस दौरान वन अधिकार समिति में सदस्य और ग्रामीण शामिल रहे।
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