ऊर्जा के सदुपयोग के लिए जागरूक होना होगा: प्रो. बीपी सिंह
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘माइक्रोबायोलॉजी, मालिकुलर बायोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी और बायो इन्फॉर्मेटिक्स’ विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। विवि के माइक्रोबायोलॉजी विभाग व डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संयुक्त संयोजन में कार्यशाला का आयोजन कराया जा रहा है। मुख्य अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय …
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘माइक्रोबायोलॉजी, मालिकुलर बायोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी और बायो इन्फॉर्मेटिक्स’ विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। विवि के माइक्रोबायोलॉजी विभाग व डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संयुक्त संयोजन में कार्यशाला का आयोजन कराया जा रहा है।
मुख्य अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के प्रो. बीपी सिंह ने सस्टेनेबल एनर्जी के स्रोतों बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि एनर्जी वस्तुओं का गुण है, जिसे अन्य वस्तुओं में स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा के सदुपयोग के लिए लोगों को व्यापक जागरूक करने की आवश्यकता है।
अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि विज्ञान तकनीकी ने काफी विस्तार किया है। इसके पीछे युवाओं के इनोवेशन है। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के जैव रसायन के विभागाध्यक्ष प्रो. बेचन शर्मा ने विज्ञान में सूचना विज्ञान, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी बायोइनफॉर्मेटिक्स के वैज्ञानिक तथ्यों पर वृहद जानकारी प्रदान की।
विश्वविद्यालय के विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. सीके मिश्रा ने वैज्ञानिक कार्यों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। माइक्रोबायोलॉजी के प्रो. राजीव गौड़ ने बायोकेमेस्ट्री इंटीग्रेटेड साइंस में रिसर्च के लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया।
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