पीलीभीत: 14 साल की सजा काट रहा है धमकी देने वाला हरवंश
पीलीभीत, अमृत विचार। जेल के भीतर से अधिवक्ता को धमकी देने वाला हरवंश शातिर अपराधी है। एक माननीय का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से जेल के भीतर रहकर भी उसका रुतबा कम नहीं हो सका है। एक दिन पूर्व हुई वारदात में भी उसकी ओर से दी गई धमकी में माननीय से ही माफी …
पीलीभीत, अमृत विचार। जेल के भीतर से अधिवक्ता को धमकी देने वाला हरवंश शातिर अपराधी है। एक माननीय का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से जेल के भीतर रहकर भी उसका रुतबा कम नहीं हो सका है। एक दिन पूर्व हुई वारदात में भी उसकी ओर से दी गई धमकी में माननीय से ही माफी मांगने का जिक्र अधिवक्ता को धमकाते हुए किया गया था। यह मामला उजागर होने पर अब एक तरफ जेल प्रशासन ने सख्ती की है तो वहीं पुलिस के स्तर से भी सर्किल अफसर को जांच देकर छानबीन कराई जा रही है।
बीसलपुर के रहने वाले अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिकायती पत्र दिया था। जिसमें बीसलपुर के दबंग चेयरमैन पद के दावेदार से रंजिश का हवाला दिया गया। यह बताया था कि जेल में बंद सजायाफ्ता अपराधी हरवंश कुमार ने फोन कर उसे जान से मारने की धमकी दी है। जिसके बाद से खलबली मच गई थी। इसका ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जेल प्रशासन की जांच में बंदियों के लिए संचालित पीसीओ से धमकी देने की बात सामने आई।
उधर, एसपी दिनेश कुमार ने सीओ बीसलपुर प्रशांत सिंह को प्रकरण की जांच दी है। इस पूरे मामले में एक माननीय का नाम खुलकर उजागर हो रहा है। बता दें कि धमकी देने वाला हरवंश मूल रूप से जहानाबाद थाना क्षेत्र के कनाकोर गांव का रहने वाला है। वह किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में 19 नवंबर 2016 को जहानाबाद पुलिस द्वारा जेल भेजा गया था। उसकी जमानत नहीं हो सकी थी।
उधर, इसी दौरान न्यायालय में मुकदमे का ट्रायल होने लगा और फिर 17 दिसंबर 2019 को उसे दोषी पाते हुए न्यायालय ने 14 साल की सजा सुनाई। इसके बाद से वह जेल में ही बंद है। बताते हैं कि उसकी एक माननीय से खासा करीबियां हैं। उनका सरंक्षण प्राप्त होने को लेकर भी चर्चाएं कम नहीं हैं। उसके रौब को लेकर एक वाक्या अब धमकी देने की घटना सामने आने के बाद चर्चित रहा।
बताते हैं कि कुछ समय पहले जेल में बंद तीन बंदियों को कहीं और भिजवाने की सिफारिश उसकी ओर से की गई थी। निचले स्तर पर बात न बनी तो माननीय ने शासन स्तर पर दौड़ लगाई थी और फिर तीनों बंदियों के प्रशासनिक आधार पर अन्य जेलों में ट्रांसफर कर दिए गए थे।
इस स्थानांतरण के पीछे वजह कोई रही हो लेकिन इसके बाद हरवंश का कद बंदियों के बीच कहीं न कहीं बढ़ गया था। उसकी माननीय से करीबी की चर्चाएं भी जेल की चहारदीवारी के भीतर आम हो गई थी। फिलहाल अब उसकी ओर से धमकी देने का मामला सुर्खियां बना तो पुराने किस्से भी चर्चाओं में आ गए हैं।
कैदी द्वारा अधिवक्ता को धमकाने के मामले में को गंभीरता से लेते हुए पड़ताल की गई है। जिसके बाद जेल मैन्युअल के हिसाब से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। धमकी देने वाले कैदी हरवंश की पीसीओ सेवा बंद कर दी गई है। उससे कठोर श्रम भी कराया जाएगा। इसके अलावा बंदी रक्षकों को निगरानी बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। आरोपी कैदी से भी इस सिलसिले में बातचीत की गई है—शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक।
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