Pakistan Power Crisis: पाकिस्तान में बिजली कटौती पर उच्च न्यायालय ने सरकार से मांगा जवाब

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Edited By Amrit Vichar
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इस्लामाबाद। लाहौर उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से गुरुवार को बिजली की कटौती और बढ़ती महंगाई को लेकर दायर की गई दो याचिकाओं पर जवाब मांगा है। यह जानकारी समाचार पत्र डान ने दी है। देशभर में तपती गर्मी के बीच लगातार बिजली की कटौती ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है और इससे …

इस्लामाबाद। लाहौर उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से गुरुवार को बिजली की कटौती और बढ़ती महंगाई को लेकर दायर की गई दो याचिकाओं पर जवाब मांगा है। यह जानकारी समाचार पत्र डान ने दी है। देशभर में तपती गर्मी के बीच लगातार बिजली की कटौती ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है और इससे व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है।

अदालत पर न्यायिक सक्रियता समूह द्वारा बिजली की कटौती और बढ़ती महंगायी पर दो याचिकाएं दायर की गयी थीं, जिनपर आज न्यायाधीश शाहिद करीम ने सुनावाई की। ये याचिकाएं उस रिपोर्ट के बाद दायर की गयी जिसमें बताया गया कि पाकिस्तान लगभग 7,000 मेगावाट ऊर्जा की कमी का सामना कर रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान मुस्लिम लीग‑एन के नेता शाहिद खाकान अब्बासी ने सोमवार को कहा था कि बिजली की कटौती को मंगलवार तक कम करते हुए 3.5 घंटों तक कर दिया जाएगा।

उन्होंने वादा किया कि इसके बाद इसे घटाकर 16 जून तक तीन घंटे से कम और 30 जून तक दो घंटों से कम कर दिया जाएगा। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से ‘सरकार से यह पूछने का भी आग्रह किया कि मुद्रास्फीति के बारे में क्या करना है’ जो कई कारकों के कारण हुआ है, कुछ अंतरराष्ट्रीय और कुछ स्थानीय।

न्यायाधीश करीम ने बिजली कटौती पर केंद्र सरकार और मुद्रास्फीति पर पंजाब सरकार से जवाब तलब किया और सुनवाई को अगले दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक लाहौर में बिजली कटौती की समस्या सबसे खराब स्तर पर है। यहां लोगों को हर दिन छह से आठ घंटे तक बिजली के बिना रहना पड़ रहा है।

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