मुरादाबाद: हिंदू साम्राज्य दिवस पर आरएसएस ने शहर में आयोजित किए 40 कार्यक्रम

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मुरादाबाद, अमृत विचार। रविवार को हिंदू साम्राज्य दिवस के उपलक्ष में आरएसएस द्वारा शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। बताया गया कि हिंदू साम्राज्य दिवस हर साल शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हिन्दू साम्राज्य, संस्कृति, सभ्यता और सौहार्द के प्रति जागरूक करना है। इसके …

मुरादाबाद, अमृत विचार। रविवार को हिंदू साम्राज्य दिवस के उपलक्ष में आरएसएस द्वारा शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। बताया गया कि हिंदू साम्राज्य दिवस हर साल शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हिन्दू साम्राज्य, संस्कृति, सभ्यता और सौहार्द के प्रति जागरूक करना है। इसके बारे में आरएसएस का मत है कि जिस दिन महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ, उस दिन से हिंदू साम्राज्य की पुनर्स्थापना हुई है।

मात्र दो गांव के जमींदार शाहजी एवं माता जीजाबाई के पुत्र छत्रपति शिवाजी, शिवाजी का लालन-पालन माता जीजाबाई एवं शिक्षा दादा कोंडदेव जी के संरक्षण में हुई वह अद्वितीय क्षमता और विद्वत्ता के धनी थे उन्होंने निराशा भरे हिंदू समाज को जागृत कर मुगलों को परास्त किया छः लाख वर्ग किलोमीटर भूमि को स्वाधीन करवाया। उन्होंने उत्तर भारत में गुरु तेग बहादुर राजस्थान में राणा राज सिंह बुंदेलखंड में में छत्रसाल असम में राजा चक्रवर्त सिंह एवं जयद्रथसिंह के साथ निरंतर संपर्क में रहे और योजना बनाकर कार्य किया परिणाम स्वरूप 80 वर्षों में पूरा देश मुगलों से मुक्त हो गया था।

मात्र 15 वर्ष की आयु में अपने कुछ साथियों के साथ बीजापुर के सुल्तान की सेना को परास्त कर दिया था बिना संसाधनों के उन्होंने अपने जीवन में 276 युद्ध लड़े जिसमें से 268 में विजय प्राप्त की। उन्होंने न केवल मुगलों को भागने के लिए मजबूर किया वरन समाज में फैली निराशा, अकर्मण्यता, जमीदारों द्वारा जनता का शोषण से भी समाज को मुक्त किया। हिंदू समाज छत्रपति शिवाजी का आजीवन ऋणी रहेगा हम उनके कृत्यों से प्रेरणा लें और हिंदू समाज अपने राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकेगा।

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