बहराइच : अमर शहीद महाराजा बलभद्र सिंह और राम प्रसाद बिस्मिल के संघर्ष को जिलाधिकारी ने शब्दों में पिरोया, कही यह बात

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बहराइच। जिलाधिकारी ने बौंडी किले के राजकुमार अमर शहीद महाराजा बलभद्र सिंह और राम प्रसाद बिस्मिल के जीवन तथा अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध के दौरान किए गए संघर्ष को शब्दों में पिरोया है। साथ ही 10 जून को जिलेवासियों के लिए गौरव बताया। जनपद में 10 जून को बौंडी किले के राजकुमार महाराजा बलभद्र सिंह …

बहराइच। जिलाधिकारी ने बौंडी किले के राजकुमार अमर शहीद महाराजा बलभद्र सिंह और राम प्रसाद बिस्मिल के जीवन तथा अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध के दौरान किए गए संघर्ष को शब्दों में पिरोया है। साथ ही 10 जून को जिलेवासियों के लिए गौरव बताया।

जनपद में 10 जून को बौंडी किले के राजकुमार महाराजा बलभद्र सिंह की जयंती मनाई गई। महाराजा बलभद्र सिंह की वीरता जिले के साथ देश में भी किताबों में पढ़ने और सुनने को मिलती है। इससे प्रेरित होकर जिलाधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र ने महाराजा बलभद्र सिंह की वीरता को अपने शब्दों में पिरोया है।

डीएम ने एक लेख जारी करते हुए लिखा है कि 10जून बहराइच जनपद के लिए बहुत खास है। 10 जून वर्ष 1858 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अंग्रेजों से लड़ाई करते हुए वीरगति को प्राप्त किया था। तब महाराजा बलभद्र सिंह की आयु महज 18 वर्ष थी। ऐसे में लोग देश की आजादी में उनके संघर्ष को कभी न भूले।

डीएम ने अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को याद कर लिखा कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना जोर कितना बाजुए कातिल में है। उन्होंने लिखा कि आज हम खुले में सांस ले रहे हैं और आजादी से रह रहे हैं। यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की देन है।

यह भी पढ़ें : शाहजहांपुर: जन्म दिवस पर दीपों से सजाया जाएगा राम प्रसाद विस्मिल का घर

संबंधित समाचार