बिजनौर: ट्रेन की चपेट में आकर दो लोगों की मौत
बिजनौर, नजीबाबाद/अमृत विचार। ट्रेन की चपेट में आने से रविवार को दो लोगों की मौत हो गई। इनमें से एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे युवक की अस्पताल में सांसें थम गईं। जिले में दोनों हादसे अलग-अलग रेलवे ट्रैक पर हुए हैं। जीआरपी ने एक के शव को पोस्टमार्टम के …
बिजनौर, नजीबाबाद/अमृत विचार। ट्रेन की चपेट में आने से रविवार को दो लोगों की मौत हो गई। इनमें से एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे युवक की अस्पताल में सांसें थम गईं। जिले में दोनों हादसे अलग-अलग रेलवे ट्रैक पर हुए हैं। जीआरपी ने एक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रविवार दोपहर अनिल शर्मा (58) निवासी मोहल्ला संतोमालन नजीबाबाद डबल फाटक पर बने ओवरब्रिज के नीचे से रेलवे लाइन पार कर रहे थे। तभी हौरन बजाते हुए मालगाड़ी आ रही थी। लेकिन अनिल को हौरन की आवाज सुनाई नहीं आई। जिससे वह ट्रेन की चपेट में आकर दूर तक खिचड़ते हुए चले गए। जिससे उनके शरीर के चिथड़े उड़ गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस शव को जीआरपी थाने लाई। इसके बाद पंचायतनामा भरा जा रहा था तभी सूचना मिली की प्लेटफार्म तीन पर भी एक व्यक्ति भी ट्रेन की चपेट में आ गया।
आनन-फानन आरपीएफ और जीआरपी कर्मी प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। देखा तो युवक के दोनों पैर चढ़ने के दौरान ट्रेन की चपेट में आ गए थे। किसी तरह पुलिसकर्मी रेलवेब्रिज के रास्ते युवक को रेलवे स्टेशन के बाहर लेकर पहुंचे, जहां पर समय से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण काफी इंतजार करना पड़ा। सूचना पर युवक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए, जो निजी एंबुलेंस से घायल बाबू को लेकर नगर के एक अस्पताल में पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। जीआरपी थाना अध्यक्ष सुभाष तोमर का कहना है कि दोनों लोगों की पहचान हो गई है। अनिल शर्मा के परिजनों शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।
समय से मिल जाती एंबुलेंस तो बच सकती थी जान
प्लेटफार्म तीन पर सिद्धबली ट्रेन की चपेट में आए बाबू पुत्र शकील हलवाई निवासी पठानपुरा को समय से सरकारी एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली। अगर उसे समय से सुविधा मिल जाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
परिजनों के मुताबिक बाबू की शादी सिर्फ तीन माह पहली ही हुई थी। रविवार को वह अपने बच्चों को लेने के लिए ससुराल चांदपुर जा रहा था। तभी अचानक ट्रेन में चढ़ने के दौरान वह घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद युवक रेलवे स्टेशन पर पड़ा रहा, लेकिन बार-बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। एक बार तो राहगीर और परिजन रिक्शा से उसको निजी अस्पताल में ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन पैरों की हड्डी टूट जाने के कारण युवक को रिक्शा में ठीक से नहीं बैठा सके। इंतजार करने के बाद उसे निजी एंबुलेंस से नगर के एक अस्पताल में लेकर गए, लेकिन उपचार से पहले की उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना था कि युवक के शरीर से काफी खून बह चुका था, जिसे समय पर उपचार नहीं मिल पाया। मृतक बाबू हलवाई बार संघ नजीबाबाद के अध्यक्ष वसीम के साले बताए जा रहे हैं।
सीमा विवाद में उलझती रही पुलिस
नगर में डबल फाटक फ्लाईओवर के नीचे हादसे में अनिल शर्मा का जान जाने के बाद जीआरपी और सिविल पुलिस घटना के सीमा विवाद में उलझी रही, जिस कारण उनका का शव घंटों रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा। घटना के बाद सूचना पर पहुंची जीआरपी और सिविल पुलिस के बीच सीमा को लेकर विवाद चलता रहा। बाद में मामला जीआरपी का पाए जाने पर जीआरपी शव को लेकर जीआरपी थाने पर पहुंच गई।
ये भी पढ़ें:- संभल : तेज रफ्तार टाटा मैजिक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, मौत
