बाराबंकी: व्हाट्सएप पर डीएम डीपी लगाकर जालसाजों ने डीएसओ के एक रिश्तेदार समेत तीन अन्य को लगाया चूना
बाराबंकी। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह के ट्वीट कर आगाह करने के बावजूद जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार के कहने पर उनके एक रिश्तेदार और तीन अन्य साथी साइबर अपराधियों के शिकार हो गए। उन्हें 60 हजार रुपए का चूना लगा है। रविवार की देर रात उन्होंने नगर कोतवाली बाराबंकी में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई है। …
बाराबंकी। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह के ट्वीट कर आगाह करने के बावजूद जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार के कहने पर उनके एक रिश्तेदार और तीन अन्य साथी साइबर अपराधियों के शिकार हो गए। उन्हें 60 हजार रुपए का चूना लगा है। रविवार की देर रात उन्होंने नगर कोतवाली बाराबंकी में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिला अधिकारी की फोटो व्हाट्सएप की डीपी पर लगा कर साइबर क्राइम करने वालों ने रविवार को अधिकारियों को ठगने का प्रयास किया था।
जिलाधिकारी द्वारा तत्काल ट्वीट कर आगाह करने के कारण कई अधिकारी साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच गए थे। लेकिन जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने साइबर क्राइम करने वाले के निर्देश को जिलाधिकारी का निर्देश समझा और अपने एक रिश्तेदार से दस-दस हजार रुपए के 6 अमेजॉन कार्ड खरीदवा दिए। इसके बाद ही उन्हें पता चला कि वह साइबर क्राइम के शिकार हो गए हैं।उन्होंने तत्काल इसकी सूचना नगर कोतवाली पुलिस को दी। जिस पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
प्राथमिकी में कहा गया है कि राकेश कुमार के साले आशीष राय वाराणसी के सनबीम सिटी स्कूल में काम करते हैं। जिलाधिकारी के अनुरोध की जानकारी मिलते ही उन्होंने आशीष राय को संदेश भेज दिया था। आशीष राय ने खुद तो कार्ड खरीदा ही अपने साथी साजिद अली खान, अभिनव दत्त पांडे और अंशु त्रिपाठी को भी कार्ड खरीद वा दिया। इसके बाद उनकी निगाह जिलाधिकारी के टूट पड़ी तो तत्काल आशीष राय को सूचित किया लेकिन तब तक वह दस-दस हजार के 6 कार्ड खरीद चुके थे। उन्होंने संबंधित लिंक भी भेज दिया था।
रविवार को ही पुलिस ने पता लगा लिया था जी जिस नंबर पर जिलाधिकारी की डीपी लगा कर निर्देश जारी किया गया है वह नंबर बिहार प्रांत के छपरा जिले का है। यह नंबर एक महिला के नाम पर पंजीकृत कराया गया था। पुलिस को अभी तक साइबर अपराधी तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली है। प्रभारी निरीक्षक नगर कोतवाली संजय मौर्य ने बताया कि पुलिस का साइबर सेल इसके लिए कार्य कर रहा है। जल्द ही संबंधित साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होगा। संभावना जताई जा रही है कि इस कार्य के पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह काम कर रहा है। जिसका संजाल देश में भी फैला हुआ है।
यह भी पढ़ें:-हरदोई: सेना में नौकरी के नाम पर जालसाज ने बेरोजगार को ठग, रुपए मांगने पर दे रहा है जान से मारने की धमकी
