मोनू हत्याकांड: आरोपियों के पाले में खड़ी मृतक की पत्नी को देख फटी रह गईंं आखें
मुरादाबाद, अमृत विचार। महज दो दिनों में ही मृतक की पत्नी को कत्ल के आरोपियों के पाले में देख पुलिस अधिकारियों का सिर चकरा गया। वह सोचने पर बाध्य हो गए कि आखिरकार वह कौन सा कारण है, जिसने एक गर्भवती को कत्ल के आरोपियों को बरी करने की गुहार लगाने पर बाध्य कर दिया। …
मुरादाबाद, अमृत विचार। महज दो दिनों में ही मृतक की पत्नी को कत्ल के आरोपियों के पाले में देख पुलिस अधिकारियों का सिर चकरा गया। वह सोचने पर बाध्य हो गए कि आखिरकार वह कौन सा कारण है, जिसने एक गर्भवती को कत्ल के आरोपियों को बरी करने की गुहार लगाने पर बाध्य कर दिया। महिला की मांग सिरे से खारिज करने के बाद बदले हालात की तह तक जाने में पुलिस जुट गई है। कत्ल जैसे गंभीर अपराध में मृतक की पत्नी पर समझौते का दबाव बनाने वालों की अब खैर नहीं होगी।
जांच
- महिला के बदले सुर से खड़े हुए पुलिस अधिकारियों के कान
- हत्यारों पर कानूनी कार्रवाई बंद करने की मांग खारिज
मझोला के ढक्का कुंदनपुर कृष्णा कालोनी का मोनू प्रजापति बूंदी बनाने का कारखाना चलाता था। शनिवार देर रात घर के पास युवक को गोली मार दी गई। मृतक की गर्भवती पत्नी राजवती ने अपने देवर सोनू व नंदोई नंदोई प्रदीप निवासी एकता कालोनी मंडी समिति पर हत्या का आरोप लगाया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर देवर और नंदोई पर हत्या का अभियोग मझोला थाने में पंजीकृत हुआ। पुलिस कातिलों की तलाश में जुटी। मोनू की पत्नी सोमवार को सास व अन्य परिजनों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची।
एसएसपी हेमंत कुटियाल के समक्ष महिला पेश हुई। महिला की जुबां खुलते एसएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी हक्का-बक्का रह गए। राजवती ने कहा कि पति की हत्या के मामले में वह कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती। देवर व नंदोई पर दर्ज हत्या का मुकदमा वह वापस लेने को तैयार है। कुछ देर तक महिला की बातों को सुनने के बाद एसएसपी कायदे व कानून का हवाला दिया। मुकदमा वापसी से इंकार करते हुए उन्होंने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। तब महिला व उसके साथ आए परिजनों ने राहत की सांस ली। मुकदमा शुरू होने से पहले ही महिला के पक्षद्रोही रुख ने पुलिस को सोचने पर मजबूर कर दिया।
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