अयोध्या : पूर्व सैनिकों को पंसद नहीं आ रही अग्निपथ योजना, कहा-युवाओं के लिए मुश्किल डगर
अयोध्या। सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना लागू करने की डगर आसान नहीं दिख रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार व राजस्थान में युवा सड़कों पर उतर आए हैं। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है। अब तो पूर्व सैनिक भी योजना के खिलाफ मुखर हो अग्निपथ के जरिये सेना में भर्ती को गलत …
अयोध्या। सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना लागू करने की डगर आसान नहीं दिख रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार व राजस्थान में युवा सड़कों पर उतर आए हैं। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है। अब तो पूर्व सैनिक भी योजना के खिलाफ मुखर हो अग्निपथ के जरिये सेना में भर्ती को गलत ठहरा रहे हैं। उनका मानना है कि सरकार को नौकरी देने के टेंशन से बचने के लिए इस तरह के प्रयोग नहीं करना चाहिए।
योजना के तहत भर्ती करना है तो एनसीसी के विद्यार्थियों को रखें: चंद्रपाल सिंह
भारतीय थल सेना से रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल चंद्रपाल सिंह का कहना है यह व्यवस्था एकदम गलत है। इससे फौज की डिसिप्लिन खराब हो जाएगी। अयोध्या निवासी चंद्रपाल ने कहा कि इससे नौजवानों का शोषण बढ़ेगा। हमारा सुझाव है कि अगर अग्निपथ भर्ती योजना में भर्ती करनी है तो सिर्फ एनसीसी के बच्चों को ही लिया जाए। इसके बाद उनको जेल पुलिस, सीआरपीएफ, पैरामिलिट्री फोर्स में कंफर्म नौकरी दी जाए। यह योजना आर्मी की परंपरा, प्रकृति, नैतिकता और मूल्यों पर खरी नहीं है।
परमानेंट करने के लिए नौजवानों के शोषण की रहेगी संभावना : सौरभ
भारतीय वायु सेना से रिटायर्ड साजरेंट सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि योजना के तहत जो लोग भर्ती होंगे। उनमें से 75 प्रतिशत लोग 4 साल के बाद निकाल दिए जाएंगे। इस बात का असर उन सभी जवानों पर रहेगा जो लोग सेना में भर्ती हुए हैं और उनका मन हमेशा अनिश्चितता के माहौल में रहेगा। इससे उनके अंदर सेना में बने रहने का माहौल खत्म हो जाएगा। साथ ही परमानेंट करने के लिए उन नौजवानों का शोषण भी होने की संभावना रहेगी। मेरे विचार से सेना में भर्ती की जो भी प्रक्रिया है उससे छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं विश्व की प्रोफेशनल सेनाओं में जानी जाती हैं उनका यह स्वरूप बहुत ही अच्छा है। एक जवान को एक कुशल सैनिक बनने में कम से कम 10 वर्ष का समय लगता है और सशक्त सेनाओं में दी जाने वाली पेंशन व निश्चिंता एक बहुत बड़ा फैक्टर है, जिसके कारण हमारे देश में इतने कुशल सैनिक बनते हैं अतः सरकार को टेंशन बचाने के लिए इस तरह का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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