पीलीभीत: देश में हुकुमत किसी की हो, मगर मालिक तो जनता है- वरुण गांधी

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पीलीभीत/पूरनपुर, अमृत विचार। सांसद वरुण गांधी ने कहा कि रोजगार की लड़ाई में हमारा देश पिछड़ता जा रहा है। कोई भी राजनीति में आए तो शुरुआत में जवाब तलाशता है कि आगे उसका क्या होगा। मगर, मैं (वरुण गांधी) आपको बताने के लिए बैठा हूं कि मेरे मन में इस तरह की कोई चिंता नहीं …

पीलीभीत/पूरनपुर, अमृत विचार। सांसद वरुण गांधी ने कहा कि रोजगार की लड़ाई में हमारा देश पिछड़ता जा रहा है। कोई भी राजनीति में आए तो शुरुआत में जवाब तलाशता है कि आगे उसका क्या होगा। मगर, मैं (वरुण गांधी) आपको बताने के लिए बैठा हूं कि मेरे मन में इस तरह की कोई चिंता नहीं है। यह चिंता जरूर है कि आपके बच्चों का क्या होगा? आने वाली पीढ़ी का क्या होगा? देश का भविष्य आप और हम उम्मीद करके कैसे बनाएंगे? यह बात एक दिवसीय दौरे पर आए भाजपा सांसद वरुण गांधी ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कही।

नगर के एक बरात घर में गुरुवार को हुए कार्यक्रम में पहुंचे सांसद ने कहा कि देश में हुकूमत किसी की हो लेकिन देश की मालिक जनता है। देश के जो असली मुद्दे हैं, उसे देश के नेतृत्व के सामने रखेंगे। सिर्फ समस्याएं बताना ही नहीं, उसका समाधान कराने के लिए भी वह तैयार हैं। बोले कि प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले दो साल में हम दस लाख नई नौकरियां देने का एलान किया है, उसका वह तहे दिल से समर्थन करते हैं। इस पर उनका आभार व्यक्त किया।

कहा कि देश में एक करोड़ से ज्यादा सरकारी पद खाली हैं। यह नहीं कहता कि यह सरकार का अपना आंकड़ा कहता है। मगर, प्रधानमंत्री से निवेदन करता हूं कि इससे पहले दस लाख नई नौकरियां बनाएं। एक करोड़ जो खाली पद हैं, उनकी भरपाई की जाए। इससे पांच से दस करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। जब एक नौजवान का सपना टूटता है, तो पूरे देश का सपना टूटता है।

बोले- आग कहीं और से शुरू होती है, तो मोहल्ले में हमारा भी घर है। यह ध्यान देना है कि एक करोड़ 60 लाख नौकरियां जिसमें एक करोड़ केंद्र सरकार और करीब 70- 75 लाख नौकरियां राज्य सरकार की है। इनकी भरपाई के लिए जगह-जगह अपनी बात रखनी है। सरकार कहती है हमारे पास आर्थिक प्रबंध सही नहीं है।

यह बात सही नहीं है, सरकारी नौकरी हवा में नहीं बनती। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में पिछले पांच साल में जितनी परीक्षाएं हुई, उनमें से तमाम परीक्षाएं लीक आउट हुई। कोई भी पारदर्शिता समय सीमा प्रणाली हमारे देश में नहीं। बोले कि 2016 में परीक्षा देने के बाद नियुक्ति 2022 में होती है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर अभियान पर भी बोले। कहा कि नौजवान, किसान, छोटा व्यापारी जब लोन लेने की प्रक्रिया शुरू करता है तो 80 प्रतिशत लोन उद्योगपतियों को मिलते हैं।

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