बरेली: अस्पताल के लिए दान की गई जमीन पर खुल गईं दुकानें, नगर आयुक्त से मिले परिजन
अमृत विचार, बरेली। अस्पताल के लिए शहामतगंज में जमीन दान दी गई। अब उस जमीन पर दुकानें खुल गई हैं। ऐसे में दानदाता के परिजन जमीन पर अस्पताल खुलवाने के लिए प्रशासन के चक्कर लगा रहे है। गुरुवार को दानदाता के परिजन पीयूष अग्रवाल ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद से मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की …
अमृत विचार, बरेली। अस्पताल के लिए शहामतगंज में जमीन दान दी गई। अब उस जमीन पर दुकानें खुल गई हैं। ऐसे में दानदाता के परिजन जमीन पर अस्पताल खुलवाने के लिए प्रशासन के चक्कर लगा रहे है। गुरुवार को दानदाता के परिजन पीयूष अग्रवाल ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद से मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा को मूर्त रूप देने की मांग करने संबंधी पत्र सौंपा है। नगर आयुक्त ने उनकी बात को गंभीरता से सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मामले की फाइल को नगर आयुक्त पहले भी मंगा चुके हैं, लेकिन रेंट विभाग में यह फाइल नहीं मिल रही है।
रामपुर बाग निवासी पीयूष अग्रवाल के पूर्वजों ने शाहमतगंज में अस्पताल चलाने के लिए 3000 गज जमीन नगर पालिका को दान की थी। ताकि गरीब लोगों को सस्ता इलाज मिल सके। नगर पालिका ने यहां कुछ समय तक अस्पताल चलाया और फिर इसे जिला परिषद को चलाने के लिए दे दिया। जिला परिषद ने दान की इस जमीन पर 1967 तक अस्पताल भी चलाया। इसी के बाद जमीन को खुर्द -बुर्द कर उसमें दुकानें खुलवा दी गई। इससे शहर के लोग सस्ते इलाज से वंचित हो गए।
पीयूष ने नगर आयुक्त को बताया कि उनके पूर्वजों की दान की जमीन को खुर्द -बुर्द होता नही देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी घोषणा की है कि दान की जमीन पर खुले अस्पताल पर दानदाता का नाम अंकित कराया जाए। लेकिन यहां तो दानदाता की जमीन ही खुर्द -बुर्द कर दी गई हैं। ऐसे में जमीन पर चलने वाले अस्पताल का नामकरण कैसे हो पाएगा। उन्होंने दान की जमीन पर फिर से अस्पताल खुलवाने की मांग की है। शहामतगंज में अस्पताल खुलने से जिला अस्पताल पर मरीजों का लोड भी कम हो सकेगा। नगर आयुक्त ने इस मामले में पीयूष अग्रवाल से कई जानकारियां भी लीं और प्रकरण की पत्रावली मंगाकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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