लखनऊ : दिव्यांगों में बढ़ रहा आक्रोश, धरने की चेतावनी
लखनऊ। दिव्यांगों के सामने रोजगार की समस्या है,इसके पीछे की वजह वह सरकार की उदासीनता को मानते हैं। साथ ही सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए मौजूदा पदों में भी कटौती कर दी गयी है। दृष्टिबाधित दिव्यांगों के सामने अब जीवन यापर की समस्या खड़ी होती जा रही है,इन्हीं सब बातों को लेकर दिव्यांग आक्रोशित …
लखनऊ। दिव्यांगों के सामने रोजगार की समस्या है,इसके पीछे की वजह वह सरकार की उदासीनता को मानते हैं। साथ ही सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए मौजूदा पदों में भी कटौती कर दी गयी है। दृष्टिबाधित दिव्यांगों के सामने अब जीवन यापर की समस्या खड़ी होती जा रही है,इन्हीं सब बातों को लेकर दिव्यांग आक्रोशित हैं और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आने वाली 20 तारीख को धरना प्रदर्शन की बात कही है।
दरअसल,उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2021 में दिव्यांगों के लिए पदों का पुन: चिन्हांकन संबंधी आदेश जारी किया था,आरोप है इसी आदेश में दृष्टिबाधित दिव्यांगों की पूरी तरह से अनदेखी की गयी थी। बताया यह भी जा रहा है कि साल 2011 में विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए मौजूदा पदों को समाप्त कर दिया गया है। यह वह पद थे ,जिस पर कार्यरत दृष्टिबाधित व्यक्ति सफतला पूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ द विजुअली हैंडीकैप के महासचिव एस के सिंह ने बताया है हमारे सामने रोजगार की बड़ी समस्या है,हमें चार प्रतिशत का आरक्षण मिलता है ,जिसका क्रियान्वयन समुचित ढंग से नहीं हो रहा है। इन्हीं समस्याओं को लेकर शासन के अधिकारियों से वार्ता भी हुयी,जिसके बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन भी मिला,लेकिन कार्रवाई नहीं हुयी। अब दिव्यांगों के सामने सिवाय धरना प्रदर्शन के और कोई रास्ता नहीं है,जिससे सरकार तक अपनी बात पहुंचायी जा सके।
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