पीलीभीत: एसओ माधोटांडा ने चरित्र पर लगाया लांछन तो महिला ने खाया जहर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, पीलीभीत। महिला अपराध को लेकर अफसर मातहतों को त्वरित कार्रवाई का पाठ पढ़ा रहे हैं। वहीं, मातहतों की बदजुबानी फजीहत का सबब बनी हुई है। जेठ की ओर से की जा रही प्रताड़ना की शिकायत लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक महिला की सुनवाई करने के बजाए एसओ माधोटांडा ने महिला के …

अमृत विचार, पीलीभीत। महिला अपराध को लेकर अफसर मातहतों को त्वरित कार्रवाई का पाठ पढ़ा रहे हैं। वहीं, मातहतों की बदजुबानी फजीहत का सबब बनी हुई है। जेठ की ओर से की जा रही प्रताड़ना की शिकायत लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक महिला की सुनवाई करने के बजाए एसओ माधोटांडा ने महिला के चरित्र पर ही लांछन लगाकर भगा दिया। इससे आहत होकर महिला ने घर पर रखा जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश कर डाली। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भिजवाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे बरेली रेफर कर दिया है।

कस्बा माधोटांडा की एक महिला को परिवार वालों ने गंभीर हालत में शुक्रवार शाम को जिला अस्पताल भर्ती कराया। वह जहर खाई हुई थी। उसने बताया कि उसका जेठ कई दिनों से जमीन हथियाने के लिए प्रताड़ित करता चला आ रहा है। उसकी बेटी से भी छेड़छाड़ करता है। इसकी शिकायत थाना माधोटांडा पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने टाल दिया। जिसे लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को अफसरों से फोन कर गुहार लगाई। कुछ देर बाद एसओ माधोटांडा ने उसे जांच के नाम पर थाने बुलाया।

आरोप है कि इस दौरान शिकायत पर सुनवाई करने के बजाए उल्टा पीड़िता को ही धमकाने लगे। महिला को चरित्रहीन कह दिया और यह कहकर भगा दिया कि वह फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। एसओ की बदजुबानी से आहत होकर महिला घर पहुंची और जहरीला पदार्थ खा लिया। महिला की हालत बिगड़ी तो परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इसका पता लगते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई। कोतवाली पुलिस को जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। उधर, डॉक्टरों ने महिला को बरेली रेफर कर दिया। खास बात रही कि अफसर पूरे मामले में चुप्पी साध गए।

तो राजनीति दबाव में थे एसओ
पीड़िता की मानें तो जिस वक्त एसओ ने उससे बदजुबानी की। उस वक्त तमाम सत्ताधारी नेता थाने पर मौजूद थे। यह भी आरोप लगाया कि नेतागण आरोपी जेठ के बचाव में पैरवी करने पहुंचे थे। इसी दबाव में उसकी सुनवाई नहीं की गई।

मेरे ऊपर लगाए आरोप निराधार: एसओ
एसओ माधोटांडा सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार है। महिला का अपने जेठ से जमीन का विवाद चल रहा है। पहले भी मुकदमेबाजी हो चुकी है। महिला के पति से जहर खाने की सूचना मिली है। इसे दिखवाया जाएगा।

ये भी पढ़ें- बरेली: जुमे की नमाज के दिन पुलिस प्रशासन अलर्ट, मस्जिदों के इमामों ने की शांति की अपील

संबंधित समाचार