अफगानिस्तान : काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की आतंकी संगठन आईएसकेपी ने ली जिम्मेदारी, कहा- पैगंबर पर नुपूर शर्मा के बयान का लिया बदला
काबुल/नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सिखों के गुरुद्वारा कर्ते परवान पर भीषण आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में कम से कम 2 लोग मारे गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के आईएसकेपी ने ली है। आईएसकेपी ने कहा है कि सिखों पर यह हमला पैगंबर पर बीजेपी नेता …
काबुल/नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सिखों के गुरुद्वारा कर्ते परवान पर भीषण आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में कम से कम 2 लोग मारे गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के आईएसकेपी ने ली है। आईएसकेपी ने कहा है कि सिखों पर यह हमला पैगंबर पर बीजेपी नेता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के दिए अपमानजनक बयान के जवाब में किया गया है। बताया जा रहा है कि हैंड ग्रेनेड और राइफलों से लैस आतंकी गुरुद्वारे के अंदर घुस गए और एक के बाद एक कम से कम 13 विस्फोट किए।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हमले की कड़ी निंदा की। कहा कि हम पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। इस बीच अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने इस हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों पर शक जताया है। बताया जा रहा है कि सबसे पहले आतंकियों ने गुरुद्वारे के गेट पर विस्फोट किया। इस दौरान गुरुद्वारे के अंदर 25 से 30 हिंदू और सिख शरण लिए हुए थे। इसके बाद आतंकी गुरुद्वारे के अंदर घुस गए और पूरे परिसर के अंदर जोरदार हमले शुरू कर दिए। इसी हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
सिख नेता मंजिन्दर सिंह सिरसा ने बाद में बताया कि हमलावरों को अफगानी सुरक्षा बलों के जवानों ने काबू में कर लिया है। गुरुद्वारे परिसर की स्थिति पर अब अफगानी पुलिस का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के सिख और हिन्दू गुरुद्वारे में फंस गये है और दो लोग घायल हुए जिन्हें अस्पताल भेजा गया जिनमें से एक की मौत हो गई। सिंह ने कहा कि हमले में 60 वर्षीय अफगान सिख सविंदर सिंह की भी मौत हो गई है। वह गजनी प्रांत का मूल निवासी था, जबकि उनका परिवार दिल्ली में रहता है।
उन्होंने कहा कि मेरी संवेदना सविंदर सिंह के परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिख कई समस्याओं से जूझ रहे हैं और काबुल में आतंकवादी हमले ने सिखों के लिए शांति और सद्भाव की उम्मीदें खत्म हो गयी हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने काबुल गुरुद्वारा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा कार्ते परवान पर कायरतापूर्ण हमले की सभी को कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमले की रिपोर्ट मिलने के बाद से हम घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और पहली और मुख्य चिंता सिख समुदाय के कल्याण की है। भारत सरकार ने कहा कि काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की रिपोर्ट से सरकार चिंतित है और स्थिति पर नजरें बनाएं हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा कि काबुल से गुरुद्वारे पर हमले की रिपोर्ट से हम बेहद चिंतित हैं।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के काबुल में एक गुरुद्वारा साहिब पर हमले की खबर सुनकर बहुत चिंतित हूं। देश से बाहर रह रहे अफगानी नेता अमरुल्ला सालेह ने ट्वीट में कहा है कि हमला हक्कानी नेटवर्क द्वारा किया गया है। सोशल मीडिया के अनुसार शुरुआती जानकारी में गुरुद्वारे के गेट के बाहर हुए धमाकों में दो अफगान मारे गये। अफगान नागरिक हबीब खान ने ट्वीट किया आतंकवादियों ने काबुल शहर के बगहेबाला क्षेत्र में गुरुद्वारे को निशाना बनाकर हमला किया। गुरुवारे के आसपास हिन्दू और सिख समुदाय के लोग रहते हैं। सोशल मीडिया के अनुसार वहां अब तक तीन धमाकों की गूंज सुनाई दी और गोलीबारी जारी थी।
ये भी पढ़ें : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सिख गुरुद्वारा के पास बम धमाके, गार्ड समेत दो की मौत
