फैसल करीम कुंडी का दावा, पाकिस्तान गठबंधन सरकार में पीपीपी की भूमिका सलाहकार की
इस्लामाबाद। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सूचना सचिव फैसल करीम कुंडी ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन सरकार में एक सलाहकार की भूमिका अदा करने तक सीमित है, जबकि सभी वित्तीय और अन्य फैसले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेषाधिकार में हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सोमवार को यह रिपोर्ट दी। कुंडी ने दावा किया कि सत्ताधारी …
इस्लामाबाद। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सूचना सचिव फैसल करीम कुंडी ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन सरकार में एक सलाहकार की भूमिका अदा करने तक सीमित है, जबकि सभी वित्तीय और अन्य फैसले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेषाधिकार में हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सोमवार को यह रिपोर्ट दी।
कुंडी ने दावा किया कि सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के बाद गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीपीपी है। गठबंधन सरकार अपने मन मुताबिक फैसले लेती है। उन्होंने कहा, “पीपीपी सलाहकार की भूमिका निभाने तक सीमित है। पार्टी जब जहां जरुरत होती है केवल अपनी सलाह देती है।
निर्णय लेना प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी के विशेषाधिकार में है।” पूर्व राष्ट्रपति एवं पीपीपी के सह अध्यक्ष आसिफ जरदारी ने कुछ दिन पहले दावा किया कि उनकी पार्टी 2023 के चुनाव में सत्ता में आयेगी और उन्हें पाकिस्तान की सत्ता में आने का 110 फीसदी उम्मीद है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा सरकार लोड शेडिंग, बढ़ती मुद्रास्फीति और कीमतों में बढ़ोतरी पर लगाम लगाने में विफल रही है, जबकि डॉलर में वृद्धि जारी रही है।
जनता इस सरकार के प्रदर्शन को उसी चश्मे से देखेगी जैसा पिछली सरकार को देखा था। यह पूछे जाने पर कि क्या पीपीपी मौजूदा शासन द्वारा अर्थव्यवस्था को संभालने से संतुष्ट है , उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी और किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले सरकार को उसके प्रदर्शन के लिए कुछ महीनों का तो समय चाहिए।
आशियाना मामले में शाहबाज ने मांगी छूट, एनएबी ने जताया विरोध
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सोमवार को लाहौर की जवाबदेही अदालत में गुहार लगाई कि उन्हें आशियाना-ए-इकबाल आवास योजना से संबंधित एक मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी रूप से छूट दी जाए। शरीफ और लाहौर विकास प्राधिकरण (एलडीए) के पूर्व अध्यक्ष अहद खान चीमा इस मामले को लेकर आज जवाबदेही अदालत में पेश हुए। शरीफ ने मामले में व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट की मांग के लिए अपने कार्यालय की जिम्मेदारियों का हवाला दिया। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि वह अदालत के आदेश का पालन करेंगे, भले ही उनका आवेदन खारिज कर दिया गया हो।
इस बीच राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के अभियोजक ने शहबाज की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले में उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट देने का कोई ठोस कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत पेशी से छूट के आवेदन के साथ अपना चिकित्सा प्रमाण पत्र जमा नहीं किया। भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने पंजाब भूमि विकास कंपनी (पीएलडीसी) से संबंधित जांच में पंजाब के मुख्यमंत्री रहते हुए शहबाज पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
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