कानपुर हिंसा : पुलिस की मदद करेंगे आरोपितों के परिजन , लिया यह फैसला
कानपुर, अमृत विचार। हाल ही में कानपुर के नई सड़क इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना ने सबको शर्मसार कर दिया था। पुलिस ने इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पथराव, बमबाजी और फायरिंग की घटना में मुख्य आरोपितों समेत 56 लोगों को जेल भेज दिया था। इनमें से हयात जफर समेत आठ …
कानपुर, अमृत विचार। हाल ही में कानपुर के नई सड़क इलाके में हुई पत्थरबाजी की घटना ने सबको शर्मसार कर दिया था। पुलिस ने इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पथराव, बमबाजी और फायरिंग की घटना में मुख्य आरोपितों समेत 56 लोगों को जेल भेज दिया था। इनमें से हयात जफर समेत आठ लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया गया।
प्रशासन के इस सख्त कदम के बाद कई आरोपितों के परिजन पुलिस अधिकारियों के सम्पर्क में आ गए हैं और सरकारी गवाह बनने को तैयार हैं। बताते चलें कि हिंसा के मामले में पुलिस ने हयात जफर हाशमी को मुख्य आरोपित बनाया है। उसके साथ जावेद अहमद, मोहम्मद सुफियान, मोहम्मद राहिल को सह अभियुक्त बनाया है। इन सभी को दूसरे जिलों की जेल में ट्रांसफर किया गया है। इनके अलावा सऊद कालिया, मोहम्मद फैसल, निजाम कुरैशी और मोहम्मद उमर को भी दूसरी जेलों में ट्रांसफर कर दिया गया है।
जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक आरोपितों की जेल ट्रांसफर होने के बाद से कई ऐसे शातिर हैं जिनके परिजन पुलिस के सम्पर्क में आ गए हैं। उनका कहना है कि वह सरकारी गवाह बनने को तैयार हैं बस उनके परिजनों के साथ रियायत बरती जाए।
जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल ट्रांसफर होने के बाद कई आरोपितों के परिवारों ने पुलिस से सम्पर्क किया। उनका कहना था कि किसी ने उनके घरों के बच्चों को बहका दिया था। जिसके कारण उन लोगों से यह घटना हो गई। परिजनों का कहना था कि वह सभी जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। बस उनके घरों के बच्चों से सख्ती न बरती जाए।
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