गलत आचरण पर समाप्त होगी शिक्षामित्रों की सेवा, अब हर साल होगा नवीनीकरण

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अमृत विचार, अयोध्या। शिक्षामित्र अब परिषदीय विद्यालयों में मनमानी नहीं कर पाएंगे। शिक्षण कार्य में लापरवाही और आचरण में दोषी पाए जाने पर शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। नए शासनादेश के तहत अब शिक्षामित्रों का प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण होगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने सभी बीएसए को पत्र जारी किया …

अमृत विचार, अयोध्या। शिक्षामित्र अब परिषदीय विद्यालयों में मनमानी नहीं कर पाएंगे। शिक्षण कार्य में लापरवाही और आचरण में दोषी पाए जाने पर शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। नए शासनादेश के तहत अब शिक्षामित्रों का प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण होगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने सभी बीएसए को पत्र जारी किया है, जिसे लेकर बीएसए ने शिक्षामित्रों के नवीनीकरण के निर्देश दिए हैं।

शासन से भेजे गए पत्र में कहा गया कि शिक्षामित्रों का प्रतिवर्ष नवीनीकरण किया जाएगा। सत्र में यदि किसी शिक्षामित्र का शिक्षण कार्य व आचरण संतोषजनक नहीं रहा तो ग्राम शिक्षा समिति तथ्यात्मक आपत्ति प्रस्ताव बीएसए को उपलब्ध कराएगी। बीएसए ऐसे सभी प्रस्तावों को जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। यदि जिलाधिकारी संतुष्ट हो जाएं कि शिक्षामित्र के द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन करने में शिथिलता बरती गई है तो उस शिक्षामित्र का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि नए आदेश के क्रम में खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी स्कूल में ऐसा मामला पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। आगामी 25 जून तक नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

11 माह का ही मिलेगा मानदेय
पत्र में कहा गया है कि शिक्षामित्रों को पूर्व की तरह अधिकतम 11 माह का मानदेय दिया जाएगा। शिक्षामित्रों की संविदा की समय अवधि हर वर्ष 16 जून से 31 मई तक होगी। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 14 जनवरी को संविदा अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा और न ही मानदेय दिया जाएगा।

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