जावेद पंप की पत्नी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका, तोड़े गए मकान की एवज में मांगा मुआवजा

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प्रयागराज, अमृत विचार। यूपी में बीते दिनों हुई प्रयागराज हिंसा मामले में उपद्रव के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप का मकान ढहाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उसके तोड़े गए मकान की एवज में मुआवज़े की मांग की है। …

प्रयागराज, अमृत विचार। यूपी में बीते दिनों हुई प्रयागराज हिंसा मामले में उपद्रव के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप का मकान ढहाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उसके तोड़े गए मकान की एवज में मुआवज़े की मांग की है। अपनी याचिका में परवीन ने आरोप लगाया है कि उसका मकान अवैध तरीके से ज़मींदोज़ किया गया है।

फातिमा ने अपनी याचिका में मकान पर गैरकानूनी ढंग से बुलडोजर चलवाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नया मकान बनवाने के लिए मुआवज़ा दिए जाने कि बात कही है। इसके आलावा मकान का निर्माण न होने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया करने की भी मांग राखी है। अपने केस की सुनवाई अदालत से गर्मियों के अवकाश में भी करने की गुज़ारिश परवीन ने की है।

अपने ऊपर हुई कार्रवाई के खिलाफ फातिमा ने अपनी याचिका में कहा है कि जिस मकान को बुल्डोजर से ध्वस्त किया गया, वह उसके शौहर नहीं बल्कि उसके नाम पर था, जो कि उसके पिता से गिफ्ट के तौर पर मिला था। उन्होंने बताया कि नगर निगम व राजस्व दस्तावेजों में इस मकान के कागजागत में याची (फातिमा) का ही नाम दर्ज है।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से उसके पति के नाम पर नोटिस दिया गया और याची को अपील दाखिल करने या अपना पक्ष रखने का कोई मौका दिए बगैर 12 घंटे बाद ही मकान ध्वस्त कर दिया गया। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पास अब रहने के लिए कोई घर नहीं है और वह अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर है। ऐसे में सरकार उसे नया मकान बनाने के लिए मुआवज़ा दे तथा नए मकान के बनने तक उसे रहने के लिए सरकार की ओर से आवास मुहैया कराई जाए।

बताते चलें कि प्रयागराज में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई पत्थरबाज़ी और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने जावेद मोहम्मद को मुख्य अभियुक्त करार देते हुए गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने नोटिस देकर 12 जून को बुलडोजर चलाकर उसका मकान ध्वस्त कर दिया था।

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