बरेली: गुंडा घोषित सरताज उर्फ छोटा छह माह के लिए जिला बदर
बरेली, अमृत विचार। गुंडा घोषित सरताज उर्फ छोटा को आपराधिक घटनाएं कर समाज में भय पैदा करने समेत अन्य कारणों को लेकर छह माह के लिए जिला बदर कर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मामले की सुनवाई करते हुए 23 जून को मोहल्ला कटघर के सरताज के विरुद्ध कार्रवाई …
बरेली, अमृत विचार। गुंडा घोषित सरताज उर्फ छोटा को आपराधिक घटनाएं कर समाज में भय पैदा करने समेत अन्य कारणों को लेकर छह माह के लिए जिला बदर कर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मामले की सुनवाई करते हुए 23 जून को मोहल्ला कटघर के सरताज के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा है कि प्रस्तुत वाद की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की आख्या 23 जुलाई 2021 एचं उसके साथ संलग्न प्रभारी निरीक्षक थाना किला की आख्या के आधार पर आरंभ हुई। आख्या में बताया है कि सरताज उर्फ छोटा पुत्र हनीफ निवासी मोहल्ला कटघर थाना किला एक गुंडा एवं अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है। यह महिलाओं के साथ छेड़छाड़, गालीगलौच व मारपीट जैसे अपराध कारित करता है।
इसका समाज में इतना भय व आतंक व्याप्त है कि जनता का कोई व्यक्ति इसके विरुद्ध रिपोर्ट, शिकायत व गवाही देने का साहस नहीं करता है। आरोपी के विरुद्ध धारा-3 उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 कार्रवाई की भी संस्तुति की। पुलिस रिकार्ड में आरोपी के विरुद्ध किला थाने में आर्म्स एक्ट, पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में 7 मामले दर्ज हैं। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। वार्द दर्ज कर आरोपी को 31 जुलाई 2021 काे नोटिस जारी किया गया।
बाद में आरोपी ने आपत्ति प्रस्तुत की। जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुना। पत्रावली पर उपलब्ध समस्त अभिलेखीय साक्ष्यों का अवलोकन किया। जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला कि आरोपी ने सक्षम न्यायालय द्वारा पारित कोई ऐसा अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह सिद्ध हो कि वह उक्त अभियोग में दोषमुक्त हुआ है।
ऐसी स्थिति में आरोपी के कृत्यों को नगण्यता को स्वीकारा नहीं जा सकता। जो आरोपी को लोकहित, जन सुरक्षा तथा शांति व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए जनपद की सीमा से बाहर करने के पर्याप्त आधार हैं।
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