मेरठ के नौचंदी और शास्त्रीनगर में 26 मीटर नीचे भूजल, बन रहा जल सुरक्षा प्लान
मेरठ। जिले में जलस्तर का रोजाना पता करने के लिए अब लगभग 50 जगहों पर पीजोमीटर और डिस्ट्रिल वाटर रिकॉर्डर लगा दिए गए हैं। दिन में दो बार सुबह और शाम नेटवर्किंग की हेल्प से सर्वर पर जल स्टेज का आंकड़ा अपडेट होता है। शहर में शास्त्रीनगर स्थित कुटी चौराहा और नौचंदी में जलस्तर 26.39 …
मेरठ। जिले में जलस्तर का रोजाना पता करने के लिए अब लगभग 50 जगहों पर पीजोमीटर और डिस्ट्रिल वाटर रिकॉर्डर लगा दिए गए हैं। दिन में दो बार सुबह और शाम नेटवर्किंग की हेल्प से सर्वर पर जल स्टेज का आंकड़ा अपडेट होता है। शहर में शास्त्रीनगर स्थित कुटी चौराहा और नौचंदी में जलस्तर 26.39 मीटर गहराई तक पहुंच गया है।
जलस्तर को सही करने के लिए सरकार से लेकर सामाजिक संगठन लगातार अभियान चला रहे हैं। इसके बाद भी हालात खराब हो रहे हैं। मेरठ शहर को अतिदोहित श्रेणी से बाहर निकालने के लिए ठोस पहल की जरूरत है। इसी के तहत पानी का दोहन करने पर अधिकतम दो लाख रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।
वाटर रिकॉर्डर ऐसे करता है कार्य
पीजोमीटर के ऊपर लगा वाटर रिकॉर्डर में एक सिम लगा होता है। ये विभाग के सर्वर से नेटवर्किंग से जुड़ा रहता है। पीजोमीटर की मदद से भूगर्भ जल का स्तर पता चलता रहता है। जिसे देखते हुए सुबह और शाम का आंकड़ा वेबसाइट पर अपडेट होता रहता है।
जल सुरक्षा प्लान
खरखौदा, रजपुरा में जलस्तर अधिक नीचे होने की वजह से जल सुरक्षा प्लान बनाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अटल भूजल योजना की समीक्षा की गई।
इसमें गांवों में तालाब, जलकुंड, पानी बचाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ अन्य कार्यों पर गांववासियों को जागरूक किया जाना है। 53 ग्राम पंचायतों में जल सुरक्षा प्लान को मान लिया गया है।
22 जून की शाम का जलस्तर (मीटर में)
नौचंदी- 26.39, कुटी चौराहा – 25.68, काजीपुर- 24.20, जेलचुंगी – 24.03, चौधरी चरण सिंह विवि – 22.38, कैंट – 21.32, खरखौदा – 21.29, रजपुरा – 21.17, सुभारती – 14.44
