हमीरपुर: बु्न्देलखंड में छात्राओं को नई सोच विकसित करने के लिये किया जायेगा जागरूक
हमीरपुर। बुन्देलखंड के चार जिलो में पहली बार सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के जूनियर हाईस्कूल व कस्तूरवा गांधी विद्यालयों की छात्राओं में हीन भावना व नकारात्मक सोच को समाप्त करने के लिये सेल्फ स्टीम जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के तहत जागरुक करने का फैसला किया है।यह कार्यक्रम यूनीसेफ के माध्यम से संचालित किया जायेगा। कार्यक्रम …
हमीरपुर। बुन्देलखंड के चार जिलो में पहली बार सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के जूनियर हाईस्कूल व कस्तूरवा गांधी विद्यालयों की छात्राओं में हीन भावना व नकारात्मक सोच को समाप्त करने के लिये सेल्फ स्टीम जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के तहत जागरुक करने का फैसला किया है।यह कार्यक्रम यूनीसेफ के माध्यम से संचालित किया जायेगा।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी शत्रुन्जय शर्मा ने आज बताया कि इस कार्यक्रम के लिये सूबे के बीस जिले व बुन्देलखंड के चार जिले चित्रकूट,ललितपुर,हमीरपुर,महोवा का चयन किया गया है। शासन का मानना है कि बालिका शिक्षा योजना के तहत इन चार जिलों में जूनियर हाई स्कूल की छात्राओं के मन में हीनभावना व आत्मविश्वास की कमी एवं नकारात्मक सोच कायम रहती है जिससे बालिकायें किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ नही पाती है,इसका सीधा असर शिक्षा पर पड़ता है।
यह कार्यक्रम हमीरपुर जिले में 381 विद्यालयों में संचालित कर इसके लिये एक हजार एक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षण 21 जून से 11 जुलाई तक दिया जायेगा। इसके बाद प्रशिक्षित शिक्षक अपने विद्यालयो में अन्य विद्यालयों में जाकर अवकाश के एक घंटे बाद बालिकाओ को मन से भय डर व संकोच व किसी की तुलना में अपने को कमजोर समझना जैसी कोई भी बात निकालने के लिये प्रेरित करेगे।
नोडल अधिकारी का मानना है कि बुन्देलखंड के चार जिलो के बाद शेष बचे तीन जिले बाद में लिये जायेगे। प्रदेश मे इस कार्यक्रम को एक अभिनव प्रयोग के रुप में देखा जा रहा है। हालांकि इसके लिये विद्यालयो में मीना मंच कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है मगर उससे कोई लाभ न मिलने के कारण शासन को यह वृहद कार्यक्रम संचालित करना पड़ा है।
नोडल अधिकारी श्री शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिये उऩ्ही शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा जो लीडरशिप व कम्यूनिकेशन स्किल में दक्ष हो,जिस शिक्षक को मनोविज्ञान,कम्प्यूटर संचालन,एंड्रोयड फोन का पूरी तरह प्रयोग करते हो। शासन का मानना है कि बालिका शिक्षा योजना से एक बात साफ हो चुकी है कि बुन्देलखंड की बालिकाएं शिक्षा व टेक्नालाजी व वाकपटुता के क्षेत्र में बहुत ही पीछे है जिससे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो रहा है। शासन ने इसके लिये पूरी तरह एक गाइड लाइन बना कर यूनीसेफ व जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारियों व नोडल अधिकारी को दे दी है। इसके लिये तैयारियो शुरु कर दी है।
हमीरपुर जिले में करीब जूनियर हाईस्कूल की साठ हजार बालिकाये शिक्षा ग्रहण कर रही है। इसके लिये शासन ने टीचर गाइड बुक व आधाफुल कामिक्स बुक्स कितावें बालिकाओं को दिये जाने का फैसला किया है क्योकि कामिक्स बुक्स से बालिकाएं चित्र के माध्यम से कोई भी तथ्य जल्द समझ जायेगी।
पढ़ें-युवा गढ़ रहे नए भारत के नए यूपी की नई तस्वीर: मुख्यमंत्री योगी
