आगरा: ऑटो-ड्राइवर को मिली चार बच्चों की सौगात, जानें फिर भी क्यों है दुखी
आगरा। जिले में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया। उनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। ऑपरेशन बड़े ही सफल तरीके से हुआ है और डॉक्टरों ने चारों को निगरानी में रखा है। बच्चों का पिता मनोज ऑटो ड्राइवर है। मनोज की पहले से तीन बेटियां थीं और अब परिवार में 7 बच्चे …
आगरा। जिले में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया। उनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। ऑपरेशन बड़े ही सफल तरीके से हुआ है और डॉक्टरों ने चारों को निगरानी में रखा है। बच्चों का पिता मनोज ऑटो ड्राइवर है। मनोज की पहले से तीन बेटियां थीं और अब परिवार में 7 बच्चे हो गए हैं। जिसके साथ ही उसके सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है।
जिस प्राइवेट हॉस्पिटल में बच्चों को निगरानी के लिए रखा गया है, वहां के डॉक्टर ने बच्चों की देखभाल और पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। लेकिन अब डॉक्टर अपनी बात से मुकर गए हैं।
मनोज ने बताया कि डॉक्टर ने मदद का जो भरोसा दिया था वह पूरा नहीं किया है। जिससे वह काफी परेशान है। उसने बताया कि वह ब्याज पर एक लाख रुपए लिया था।
35 हजार रुपए अम्बे हॉस्पिटल को देने हैं
मनोज ने बताया कि डिलीवरी के लिए SN मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए गया, तो लेडी लॉयल भेजा गया। जब लेडी लॉयल गए, तो फिर से SN भेज दिया गया। दोनों ही जगह इलाज नहीं हुआ। पत्नी को दर्द बढ़ने पर अम्बे हॉस्पिटल ले गया। यहां ऑपरेशन का 60 हजार का बिल बना। 25 हजार रुपए दे दिए हैं और 35 हजार अभी देने हैं।
ऑटो ड्राइवर ने कहा, “समझ में नहीं आ रहा है क्या करें। सरकार और डॉक्टरों से अपील करता हूं कि वे कुछ मदद करें।”
डॉक्टर ने पालने की जिम्मेदारी लेने की कही थी बात
उसने आगे बताया कि पालना अस्पताल के डॉ. मुकेश चौधरी ने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए चारों बच्चों की देखभाल करने की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने परिवार से बच्चों के मुफ्त इलाज और शिक्षा का वादा किया था। कुछ ही घंटों बाद डॉक्टर अपनी बात से मुकर गए। वह इलाज के पूरे पैसे मांग रहे हैं।
गर्भ में जुड़वा बच्चों के होने का पता चला था
मनोज ने बताया कि पत्नी खुशबू को डॉ. महेश चौधरी के पास ले गए। वहां अल्ट्रासाउंड से पता चला कि गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं। सोमवार को डिलीवरी के लिए उसे ट्रांस यमुना स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया।
ऑपरेशन के दौरान चार बच्चे दिखे तो डॉक्टरों को भी हैरानी हुई, क्योंकि अल्ट्रासाउंड में जुड़वां बच्चों का ही पता चला था। सफल ऑपरेशन के बाद चारों बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराया गया।
