हरदोई: दो-गुनी जमीन दिलाने का झांसा देकर चकबंदी लेखपाल ने किया 80 हजार रुपये की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
हरदोई। चकबंदी में मूल्यांकन करा कर दो-गुनी जमीन दिलाने का झांसा देकर 80 हजार की ठगी करने वाले चकबंदी लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। बताया गया है कि कोतवाली देहात के पाटकुआं निवासी राजवीर सिंह पुत्र मुनेश्वर सिंह का कहना था कि 2006 …
हरदोई। चकबंदी में मूल्यांकन करा कर दो-गुनी जमीन दिलाने का झांसा देकर 80 हजार की ठगी करने वाले चकबंदी लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। बताया गया है कि कोतवाली देहात के पाटकुआं निवासी राजवीर सिंह पुत्र मुनेश्वर सिंह का कहना था कि 2006 से चकबंदी शुरू हुई थी। उसकी पुत्री रंजना शहर के न्यू सिविल लाइन मोहल्ले में रहती हैं।
उसी के मकान में चकबंदी कर्मी किराए पर रहता था। वहीं चकबंदी लेखपाल रविन्द्र यादव का आना-जाना था। राजवीर सिंह की पत्नी अनुजलता अपनी पुत्री रंजना के यहां थी। उसी बीच लेखपाल रविन्द्र यादव ने उससे कहा कि चल रही चकबंदी में सही मूल्यांकन करा कर उसे दो-गुनी ज़मीन दिला सकता है। इसके लिए उसने 80 हज़ार रुपए की मांग रखी।अनुजलता लेखपाल के झांसे में आ गई।
उसने 10 फरवरी 2011 को हरियावां थाने के कपूरापुर निवासी छोटे भइया से 80 हज़ार रुपए ब्याज पर ले कर लेखपाल को दे दिए। लेखपाल ने 15 दिनों में काम कराने का वादा किया था। लेकिन काम नहीं हुआ। जब इस बारे में लेखपाल से पूछा गया तो उसने फर्ज़ी इंतखाब थमा दिया। रुपए मांगने पर वह महीनों टहलाता रहा।
इसके बाद राजवीर शहर कोतवाली गया। वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। एसपी से भी इंसाफ मांगा, लेकिन उसकी आवाज़ नक्कार खाने में तूती की आवाज़ बन कर रह गई। इसके अदालत का दरवाज़ा खटखटाया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खेत का बैनामा कर चुकाया कर्ज
राजवीर सिंह ने अदालत को बताया था कि उसकी पत्नी ने कपूरापुर निवासी छोटे भइया से पांच प्रतिशत के हिसाब से 80 हज़ार का कर्ज़ा लिया था। पैसा फंसने से छोटे भइया ने अपनी रकम मांगी। जिस पर राजवीर सिंह ने अपना सात बीघा खेत छोटे भइया के एक रिश्तेदार के नाम बैनामा करते हुए कर्ज़ा चुकता किया।
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