अयोध्या: कावड़ यात्रा व सावन मेला सकुशल कराने को लेकर प्रशासन ने कसी कमर
अयोध्या। अयोध्या में कावड़ यात्रा व सावन झूला जैसे पर्वों की तिथियां नजदीक आते ही प्रशासन व्यवस्था व सुरक्षा के इंतजाम में जुट गया है। यहां कलेक्ट्रट सभागार में बैठक के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। साथ ही भीड़ को नियंत्रण में लाने के …
अयोध्या। अयोध्या में कावड़ यात्रा व सावन झूला जैसे पर्वों की तिथियां नजदीक आते ही प्रशासन व्यवस्था व सुरक्षा के इंतजाम में जुट गया है। यहां कलेक्ट्रट सभागार में बैठक के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। साथ ही भीड़ को नियंत्रण में लाने के लिए फ़ोर्स का इंतजाम करने की भी बात हुई।
कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें
अपर जिलाधिकारी नगर/मेलाधिकारी सलिल कुमार पटेल व एसएसपी शैलेश पांडेय की अध्यक्षता में कावड यात्रा/श्रावण झूला मेला-2022 को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सम्बन्धित कार्यदायी विभागीय अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहुत की गयी। बैठक में मेलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा में काफी संख्या में श्रद्वालुओं के आने की संभावनाएं है इसको दृष्टिगत रखते हुये सभी विभाग अपने अपने विभागों की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
इसके साथ ही सम्बंधित विभाग जैसे विद्युत विभाग सभी ट्रांसफार्मर व लटकते तारों को ठीक कराये, पंचायत विभाग सभी शौचालयों की साफ सफाई तथा कांवड़ यात्रा मार्गों पर नियमित झाड़ू लगाने की व्यवस्था, परिवाहन विभाग द्वारा श्रद्वालुओं के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था, विकास प्राधिकरण द्वारा प्रकाश आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाय। मेलाधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई 2022 को मणि पर्वत मेला/झूलनोत्सव प्रारम्भ होगा। 2 अगस्त को नाग पंचमी/श्री लक्ष्मण मंदिर स्थान व दर्शन, 4 अगस्त को गोस्वामी तुलसीदास जयंती, 8 को पुत्रदा एकादशी, 10 को श्रवण मास की त्रयोदशी व 12 को श्रवण पूर्णिमा पर्वो का आयोजन किया जायेगा।
शैलेश पांडेय ने कहा कि कोरोना के दो वर्ष के पश्चात मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारी संख्या में श्रद्वालुओं के आने की संभावनाएं है। सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये सरयू नदी में जल बेरीकेटिंग, यातायात, पार्किंग आदि की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। बाहर से आने वाले फोर्स के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाय। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्वालुओं से विनम्र व्यवहार किया जाय।
