मुरादाबाद : बारिश बाद बढ़ा रामगंगा का जलस्तर, नदी किनारे बसे लोगों ने की बांध निर्माण की मांग
मुरादाबाद,अमृत विचार। रामगंगा नदी के आसपास रहने वाले लोग 12 वर्षों से बांध की उम्मीद लिए बैठे हैं। बारिश बाद रामगंगा में पानी बढ़ने से लोगों को फिर बाढ़ का डर सता रहा है। लोग नदी किनारे बांध बनाने की मांग कर रहे हैं। कई दिनों से पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश हो रही …
मुरादाबाद,अमृत विचार। रामगंगा नदी के आसपास रहने वाले लोग 12 वर्षों से बांध की उम्मीद लिए बैठे हैं। बारिश बाद रामगंगा में पानी बढ़ने से लोगों को फिर बाढ़ का डर सता रहा है। लोग नदी किनारे बांध बनाने की मांग कर रहे हैं। कई दिनों से पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। जबकि मुरादाबाद में सिर्फ दो दिन ही बारिश हुई है। लेकिन, पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से मुरादाबाद में रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है।
12 साल पहले नदी में आई बाढ़ ने शहर की पॉश कॉलोनियों व अन्य इलाकों को अपनी चपेट में लिया था। चक्कर की मिलक, नवाबपुरा, लालबाग, जामा मस्जिद व बरवालान इलाके तक नदी किनारे बने सभी मकान अवैध हैं। कुछ दिन पहले प्रशासन ने कई मकानों को तोड़ा था तो लोगों ने मकान के कागज व बिजली का बिल दिखाकर अभियान का विरोध किया था। अब पानी बढ़ने से उन लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। बारिश पड़ने से रामगंगा का जलस्तर शनिवार को 188.520 मापा गया। जबकि शुक्रवार को 187.94 था।
हर साल नया बहाना बनाते हैं अधिकारी
लोगों का कहना है कि 12 साल से नदी किनारे बांध बनवाने की मांग की जा रही है, लेकिन अधिकारी हर साल कोई-न-कोई नया बहाना बनाकर आश्वासन दे देते हैं। लेकिन, बरसात खत्म होने के बाद सब भूल जाते हैं।
सरदार जीत सिंह का कहना है कि हर साल रामगंगा का पानी घर तक आ जाता है। कई वर्षों से प्रशासन से बांध बनवाने की मांग की जा रही है।
विशाल बंसल का कहना है कि 12 साल पहले आई बाढ़ से हमारे घर में पानी आ गया था। काफी नुकसान हुआ था। बाद में प्रशासन ने नदी किनारे बांध बनवाने को कहा था, लेकिन हमलोग अब भी बांध बनने का इंतजार कर रहे हैं।
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