अमरोहा : दुबई और अबु धाबी तक अमरोहा के दशहरी और चौसे की धूम
अमरोहा, अमृत विचार। जिले से आम विदेशों में भी निर्यात हो रहा है। अबु धाबी और दुबई में अमरोहा के दशहरी, लंगड़ा और चौसे आम की धूम है। अब तक 10 टन आम की खेप पहुंचाई जा चुकी है। जबकि और भी ऑर्डर निर्यातकों को मिलने लगे हैं। हालांकि पिछली बार के मुकाबले इस बार …
अमरोहा, अमृत विचार। जिले से आम विदेशों में भी निर्यात हो रहा है। अबु धाबी और दुबई में अमरोहा के दशहरी, लंगड़ा और चौसे आम की धूम है। अब तक 10 टन आम की खेप पहुंचाई जा चुकी है। जबकि और भी ऑर्डर निर्यातकों को मिलने लगे हैं। हालांकि पिछली बार के मुकाबले इस बार की आम की पैदावार कम है। इसलिए इसबार आम जल्द ही खत्म हो जाएगा।
अमरोहा का नाम देश और विदेश में शुमार है, लेकिन फल पट्टी को लेकर अलग पहचान मिली है। यहां के आम विदेशी धरती पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मौसम में बदलाव के चलते आम का उत्पादन इस बार कुछ कम है। जिले में 18-20 हजार हेक्टेयर भूमि पर आम की पैदावार होती है। हसनपुर क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर आम की बागवानी खेती होती है। हर साल बड़े पैमाने पर अमरोहा जिले का आम विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाता है।
अमरोहा का लंगड़ा और चौसा आम कई देशों में मशहूर है। आम निर्यातक नदीम सिद्दीकी ने बताया कि इस बार विभिन्न देशों में आम के निर्यात हो रहा है। दुबई और अबु धाबी में दशहरी, लंगड़ा और चौसे आम की पहली 10 टन की खेप एक्सपोर्ट की जा चुकी है। कहा कि जहां भी अमरोही आम जाता है, वहां के लोग स्वाद के दीवाने हो जाते हैं।
अरब देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान और न्यूजीलैंड के लोग भी अमरोही आम के दीवाने हैं। कहा कि विदेशों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, मल्लिका और मखसूस आम की काफी मांग रहती है। नदीम सिद्दीकी ने बताया कि पिछली बार 80 टन आम एक्सपोर्ट किया था। जुलाई अंत तक आम एक्सपोर्ट किया जाएगा। पिछली बार के मुकाबले इस बार आम कम है।
नदीम सिद्दीकी, निर्यातक
मैंगों एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी ने बताया कि आधी, तूफान और बारिश से आम को नुकसान तो पहुंचा। पहले के मुकाबले इस बार आम की पैदावार कम है। बताया कि हर साल यूपी से 150-200 टन के बीच आम की सप्लाई होती है। जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी अमरोहा जिले की है। कई देशों से आम के ऑडर मिल चुके हैं। दुबई और अबु धाबी में आम एक्सपोर्ट किया जा चुका है।
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