बिजनौर: विभागीय जांच में रसूलपुर सैद जमीन मामले में आया नया मोड़

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बिजनौर/नजीबाबाद, अमृत विचार। असलमपुर झोझा (रसूलपुर सैद) में दो भाइयों के बीच जमीन को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। राजस्व विभाग की जांच में मामला ही दूसरा पाया गया है। जिस पर उपजिलाधिकारी ने प्रशासनिक हस्तक्षेप से इनकार किया है। राजस्व विभाग की जांच के मुताबिक, पिछले कई दशकों से …

बिजनौर/नजीबाबाद, अमृत विचार। असलमपुर झोझा (रसूलपुर सैद) में दो भाइयों के बीच जमीन को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। राजस्व विभाग की जांच में मामला ही दूसरा पाया गया है। जिस पर उपजिलाधिकारी ने प्रशासनिक हस्तक्षेप से इनकार किया है। राजस्व विभाग की जांच के मुताबिक, पिछले कई दशकों से सैय्यद फैजयाब अली को काबिज पाया गया। इसमें कोर्ट में मामला होने के कारण दखल की आवश्यकता नहीं है।

नांगल थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर सैद निवासी सैय्यद फैजयाब अली ने बताया कि उसने 1987 में गांव के ही चार भाइयों से डेढ़ बीघा जमीन खरीदी थी। इसके बाद से अब तक वह उस आराजी पर काबिज है। फैजयाब अली ने बताया कि 1983 से 1993 तक उनका छोटा भाई गुलाम रसूल अपने घर से नाता तोड़कर कर्नाटक व कई अन्य स्थानों पर अपने परिवार के साथ रह रहा है।

इस बीच गुलाम रसूल व उसके बीबी-बच्चों को ढूंढने का प्रयास किया गया और उन्हें घर वापस आने की सलाह दी गई। लेकिन वे घर वापस नही आए। आखिरकार जब उनकी तंगहाली का सय्यद फैजयाब को पता चला तो उन्होंने अपने छोटे भाई की मदद की। उसका पासपोर्ट अपने मुंबई स्थित मकान के पते से बनवाया। मार्च 1993 को अपने पास सऊदी अरब बुला लिया। सैय्यद फैजयाब ने बताया कि 20 जून 2022 को निगहत फातमा (गुलाम रसूल की दूसरी पत्नी) ने उस डेढ़ बीघा आराजी में से आधी भूमि का बैनामा अपने नाम पर बिना किसी सूचना के करा लिया।

आरोप है कि अवैध कब्जा और निर्माण की झूठी शिकायत कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया। साथ ही सैयद फैजयाब और उनके बच्चों को बदनाम करने की कोशिश की गई। निगहत फातिमा के षड्यंत्र की सूचना पाते ही सय्यद फैजयाब ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर उपजिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे।

टीम ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि सैय्यद फैजयाब अली उक्त भूमि पर काफी समय से काबिज हैं। जमीन पर तीन दुकानें, कमरा और बरामदा भी है। आराजी की दीवार पुरानी होकर गिरने लगी थी जिस कारण दोबारा बनाई जा रही थी। जांच टीम ने बताया कि मुकदमा पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है। जिस कारण प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

गुमराह करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों को गुमराह कर गलत तरीके से बैनामा कराने और झूठा प्रचार प्रसार करने पर सैय्यद फैजयाब अली ने मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि झूठी सूचनाओं को फैलाने वालों को भी नोटिस जारी किया जाएगा।

विभागीय जांच में निकल गई निगहत की हेकड़ी
षड्यंत्र रचकर और अधिकारियों को गुमराह कर सय्यद फैजयाब अली व उसके बच्चों को फंसाने व बदनाम करने की साजिशकर्ता निगहत परवीन उलझती दिखाई दे रही है। विभागीय जांच में दावा गलत पाए जाने पर निगहत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

ये भी पढ़ें:- बिजनौर: नदी में उतराता मिला युवक का शव, तीन दिनों से लापता

संबंधित समाचार