अमरोहा : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से चार नवजात बच्चों की मौत, जांच में जुटे अधिकारी
हसनपुर (अमरोहा),अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते नवजात बच्चों की मौत होने से हड़कंप मच गया है। नवजात बच्चों की मौत से नाराज तीमारदारों ने हंगामा भी काटा। सीएमओ एवं एसडीएम ने मौका मुआयना कर पूरे मामले की जांच की है। कोतवाली क्षेत्र के गांव झोटना निवासी बंटी ने अपनी पत्नी रिंकी को …
हसनपुर (अमरोहा),अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते नवजात बच्चों की मौत होने से हड़कंप मच गया है। नवजात बच्चों की मौत से नाराज तीमारदारों ने हंगामा भी काटा। सीएमओ एवं एसडीएम ने मौका मुआयना कर पूरे मामले की जांच की है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव झोटना निवासी बंटी ने अपनी पत्नी रिंकी को सोमवार की रात को प्रसव पीड़ा होने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। रिंकी ने बेटे को जन्म दे दिया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई। गांव अगरौला कला निवासी हरवेश ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी वीना को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। शाम सात बजे वीना ने बेटे को जन्म दिया था। लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई उसे रेफर कर दिया गया था। लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
गांव फत्तेपुर खादर निवासी देवेंद्र ने अपनी 22 वर्षीय पत्नी पूनम को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया था। पूनम ने बेटी को जन्म दे दिया। लेकिन पांच मिनट के बाद उसकी मौत हो गई। गांव सुतारी निवासी ओमवीर ने अपनी 30 वर्षीय पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में भर्ती कराया था। उसने पुत्र को जन्म दिया। लेकिन कुछ ही देर के बाद उसकी भी मौत हो गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक के बाद एक लगातार चार नवजात बच्चों की मौत से परिजन भी सन्न रह गये। उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया। लेकिन अस्पताल स्टाफ उनकी आवाज को दबाने में जुट गया। सूचना मिलने पर सीएमओ मौके पर पहुंच गये। सीएमओ ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किये है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम से लेकर मंगलवार की सुबह तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 8 बच्चों ने जन्म दिया। जिनमें से चार की मौत हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार नवजात बच्चों की मौत होने से इलाका दहल गया है।
महिला डॉक्टर के बिना ही चल रहा अस्पताल
बिना महिला डॉक्टर के ही सरकारी अस्पताल में लगभग दो वर्षों से स्टाफ नर्स एवं एएनएम के द्वारा ही प्रसव किया जा रहा है। लगभग दो वर्ष पूर्व अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती थी, लेकिन जब से वह यहां से ट्रांसफर की गई है। उसके बाद से किसी भी महिला डॉक्टर की तैनाती हसनपुर सीएससी में नहीं की गई।
घंटों पीड़ित परिजनों से अधिकारियों ने की पूछताछ
चार नवजात शिशुओं की मौत की खबर लगते ही सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल एवं उप जिला अधिकारी सुधीर कुमार सीएससी पहुंचे। पहले बंद कमरे में स्टाफ से पूरा घटनाक्रम जाना और उसके बाद एक-एक करके चारों पीड़ित परिजनों को बुलाकर बारीकी से पूछताछ की।
चार नवजात बच्चों की मौत की खबर प्राप्त होते ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा मामले की जांच पड़ताल कराई जा रही है जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।- सुधीर कुमार, उप जिलाधिकारी, हसनपुर
चार नवजात शिशु की मृत्यु की सूचना मिलते ही में अस्पताल पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं पीड़ित परिजनों से विस्तार में जानकारी प्राप्त की गई है। पूरे घटनाक्रम की जांच हेतु जांच टीम गठित कर दी गई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।-डॉ. राजीव सिंघल,सीएमओ
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