कानपुर : अल्पसंख्यक दर्जा को बरकरार रखने पर बढ़ी बहस…जानें क्या है मामला
कानपुर। मुसलमानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने को लेकर बीजेपी में खलबली मच गई है। भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक प्रकोष्ठ के सहसंयोजक चार्टर्ड एकाउंटेट सिमरनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में मुसलमानों के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इनकी आबादी इतनी बढ़ चुकी है …
कानपुर। मुसलमानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने को लेकर बीजेपी में खलबली मच गई है। भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक प्रकोष्ठ के सहसंयोजक चार्टर्ड एकाउंटेट सिमरनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में मुसलमानों के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इनकी आबादी इतनी बढ़ चुकी है कि ये कानून भी अल्पसंख्यकों की दी जाने वाली सुविधाएं के हकदार नहीं है। दूसरी तरफ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश के मंत्री अनस उस्मानी का कहना है कि सही है कि आबादी बढ़ी है पर पिछड़ापन बहुत ज्यादा है जिसके चलते वाजिब तरक्की नहीं हो सकी। अल्पसंख्यक का दर्जा अभी बरकरार रखने की जरूरत है। पहले उनकी स्थिति बेहतर होने दीजिए। इंडियन नेशन लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान का कहना है कि मुसलमानों का यह संवैधानिक अधिकार है। भाजपा मुस्लिम विरोधी पार्टी है, इसलिए उनका हक छीना जा सकता है।
बता दें कि सीएम को भेजे गए सिमरनजीत सिंह का पत्र लीक होने पर लगातार सवाल उठने लगे हैं। इस पर सिमरन ने कहा है कि मुसलमानों की आबादी देश में 20 फीसदी के करीब है। लिहाज अब ये अल्पसंख्यक नहीं रहे। वहीं दूसरी भाजपा अल्पसंखयक मोर्चा में प्रदेश मंत्री अनस उस्मानी फरमाते हैं कि मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा हटाए जाने की मांग बेकार है। मुस्लिमों की आबादी जरूर बढ़ गई है लेकिन उनकी दशा और दिशा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इंडियन नेशनल लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान का कहना है कि भाजपा की मंशा है कि मुसलमानों को अल्पसंख्यक का दर्जा न दिया जाए।
क्षेत्रीय सहसंयोजक सिमरनजीत सिंह ने अपने पत्र में जिलेवार मुसलमानों की जनसंख्या प्रतिशत भी लिखा है, ताकि यह बता सकें कि अब मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं। ‘सूचकांक 2011 के आधार पर उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में तथाकथित अल्पसंख्यक या द्वितीय बहुसंख्यकों की जनसंख्या का प्रतिशत…’ इस लिस्ट में संभल, रामपुर, बिजनौर, सहारनपुर, चंदौसी, प्रयागराज, बांदा, बाराबंकी, लखनऊ समेत 46 जिले शामिल हैं।
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