वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार में 260 एकड़ भूमि की जरूरत…जानें पूरा मामला
लखनऊ। वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार में 260.4 एकड़ भूमि की जरूरत पड़ेगी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों ने यह मांग उठाई। बैठक में वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना, यात्रियों को बेहतर …
लखनऊ। वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार में 260.4 एकड़ भूमि की जरूरत पड़ेगी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों ने यह मांग उठाई।
बैठक में वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, विस्तारीकरण व खराब मौसम के बीच सुरक्षित लैंडिंग कर यात्रा को सुरक्षित बनाने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि मौजूदा रनवे केवल ‘कोड-4सी’ प्रकार के एयरक्राफ्ट को ही पूरा कर सकता है, जबकि इस हवाई अड्डे से ‘कोड-4ई’ प्रकार के विमानों को संचालित करने के लिए 4075 मीटर की रनवे लंबाई की आवश्यकता है। इसलिए हवाई अड्डे से कोड-4ई विमान संचालित करने के लिए राज्य सरकार से 260.4 एकड़ भूमि की मांग की गई है। प्रस्तावित रनवे के तहत एचएच-56 के लिए अंडरपास भी निर्मित होना है।
इसके साथ ही रनवे की एयरक्राफ्ट हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए पूरी लंबाई के समानांतर टैक्सी ट्रैक का निर्माण, रनवे 09 पर कैट-थ्री प्रिसिजन अप्रोच लाइट की स्थापना व रनवे 27 पर सिंपल एप्रोच लाइट की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा टर्मिनल भवन और शहर के विकास के लिए 89.6 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री व नागरिक उड्डयन एसपी गोयल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री व निदेशक उड्डयन कुमार हर्ष सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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