Britain PM: ऋषि सुनक को टक्कर देने वाले उम्मीदवार के चयन के लिए जोर-आजमाइश तेज

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Edited By Amrit Vichar
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लंदन। ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के नए नेता एवं प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भारतीय मूल के ऋषि सुनक के नाम पर मुहर लग चुकी है और अब उन्हें टक्कर देने वाले दूसरे उम्मीदवार के चयन के लिए जोर-आजमाइश तेज हो गई है। शुक्रवार को बाकी के पांच दावेदार पहली बार सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने …

लंदन। ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के नए नेता एवं प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भारतीय मूल के ऋषि सुनक के नाम पर मुहर लग चुकी है और अब उन्हें टक्कर देने वाले दूसरे उम्मीदवार के चयन के लिए जोर-आजमाइश तेज हो गई है। शुक्रवार को बाकी के पांच दावेदार पहली बार सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने होंगे।

कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों द्वारा किए गए पहले और दूसरे दौर के मतदान में विजेता बनकर उभरे सुनक और उनके बाकी प्रतिद्वंद्वियों-व्यापार मंत्री पेनी मोरडॉन्ट, विदेश मंत्री लिज ट्रस, पूर्व मंत्री केमी बेडनॉक और वरिष्ठ टोरी नेता टॉम टुगनधैत के बीच इस सप्ताहांत टेलीविजन पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। दूसरे दौर के मतदान में कंजर्वेटिव पार्टी के नए नेता एवं प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर होने वाली भारतीय मूल की अटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन ने ट्रस का समर्थन करने की घोषणा की है।

इससे तीसरे स्थान पर चल रहीं ट्रस की संभावनाओं को बल मिला है। बृहस्पतिवार को दूसरे दौर की वोटिंग के बाद ब्रेवरमैन ने एक बयान जारी कर कहा था, “लिज ब्रेक्जिट से उभरे अवसरों का लाभ उठाने और करों में जरूरी कटौती कर लोगों को राहत देने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।” इस बात को लेकर सभी उत्सुक हैं कि सुनक को टक्कर देने के लिए ट्रस और मोरडॉन्ट में से कौन दूसरे पायदान पर पहुंचेगा।

दोनों अंतिम उम्मीदवार कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों का समर्थन जुटाने के लिए अगले हफ्ते से अपना-अपना प्रचार अभियान शुरू करेंगे। ‘द टाइम्स’ के मुताबिक, कार्यवाहक प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और उनका खेमा पूर्व चांसलर सुनक के इस्तीफे से ठगा हुआ महसूस कर रहा है, जो 10 डाउनिंग स्ट्रीट से जॉनसन के बाहर निकलने का सबब बना। यही कारण है कि यह खेमा ‘ऋषि सुनक के अलावा कोई भी’ गुप्त अभियान चला रहा है। अखबार के अनुसार, जॉनसन ने भले ही कहा है कि वह सार्वजनिक रूप से किसी भी उम्मीदवार के प्रति समर्थन नहीं जताएंगे, लेकिन पर्दे के पीछे माना जा रहा है कि वह ट्रस या मोरडॉन्ट को अपना उत्तराधिकारी चुने जाने के पक्ष में हैं।

‘द टाइम्स’ ने एक सूत्र के हवाले से कहा, “10 डाउनिंग स्ट्रीट की पूरी टीम ऋषि सुनक से नफरत करती है। यह व्यक्तिगत है। यह कटु है। वह जॉनसन को नीचे गिराने का दोष सैज (साजिद जाविद) को नहीं देती। वह ऋषि को इसके लिए कसूरवार मानती है। उसे लगता है कि ऋषि महीनों से इसकी साजिश रच रहे थे।” पाकिस्तानी मूल के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जाविद ने बीते हफ्ते सुनक के वित्त मंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ देर पहले जॉनसन मंत्रिमंडल छोड़ने की घोषणा की थी।

दोनों नेताओं ने अपने कदम के पीछे किसी भी तरह की सांठगांठ से इनकार किया था। उन्होंने अपने फैसले के लिए जॉनसन सरकार से जुड़े विभिन्न विवादों को जिम्मेदार ठहराया था, जिनमें ‘पार्टीगेट’ (कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंधों और लॉकडाउन की अनदेखी कर 10 डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टियों का आयोजन) शामिल है। हालांकि, जॉनसन के एक सहयोगी ने इन दावों का खंडन किया कि वह ‘ऋषि सुनक के अलावा किसी को भी’ जीतते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकारा कि निवर्तमान प्रधानमंत्री ने सुनक के ‘विश्वासघात’ को लेकर नाखुशी जताई है।

इस बीच, ब्रिटेन में शीर्ष तीन उम्मीदवारों की जीत की संभावनाएं बढ़ाने की कोशिशों में कंजर्वेटिव पार्टी में बड़े पैमाने पर ‘लॉबिंग’ चल रही है। ताजा गणना के हिसाब से सुनक के पास 101, मोरडॉन्ट के पास 83, ट्रस के पास 64, बेडनॉक के पास 49 और टुगनधैत के पास 32 वोट हैं। क्रमश: चौथे और पांचवें पायदान पर चल रहे बेडनॉक और टुगनधैत ने सोमवार से शुरू हो रहे अगले दौर के मतदान से पहले कंजर्वेटिव पार्टी के नए नेता एवं प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर होने से इनकार कर दिया है। चुनाव के लिए अंतिम दो उम्मीदवारों का नाम तय करने के वास्ते अगले बृहस्पतिवार की समयसीमा निर्धारित की गई है।

कंजर्वेटिव सदस्यों के बीच व्यापक लोकप्रियता को देखते हुए सट्टेबाजों की पहली बनकर उभरीं मोरडॉन्ट कहती हैं, “जाहिर तौर पर लोग मुझे अंतिम दौड़ में जाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे मेरे खिलाफ लड़ना नहीं चाहते।” इस बीच, सुनक खेमे ने इन कयासों को खारिज किया कि उन्हें सिर्फ कंजर्वेटिव सांसदों के बीच ही मजबूत स्वीकार्यता हासिल है। सुनक का समर्थन करने वाले कंजर्वेटिव सांसद रिचर्ड होल्डन ने कहा, “मुझे लगता है कि वह वास्तव में लोगों को जोड़ना शुरू कर देंगे और उनके नेतृत्व में हम आगे बढ़ते हुए एक सकारात्मक दृष्टिकोण पेश कर पाएंगे।”

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