लखनऊ : एनकांउटर के डर से ट्रामा सेंटर से भागे थे बदमाश, फर्रुखाबाद में गिरफ्तार….पढ़ें पूरी खबर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ । 13 जुलाई को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर से भागे बदमाशों को फर्रुखाबाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन से पास से गिरफ्तार कर लिया है। बदमाश भोपाल जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन लेट होने पर वह पानी की टंकी के पास छिपे थे। नौ जुलाई को रायबरेली पुलिस ने एक मुठभेड़ में …

लखनऊ । 13 जुलाई को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर से भागे बदमाशों को फर्रुखाबाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन से पास से गिरफ्तार कर लिया है। बदमाश भोपाल जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन लेट होने पर वह पानी की टंकी के पास छिपे थे। नौ जुलाई को रायबरेली पुलिस ने एक मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर पर गोली मारी थी। इसके बाद इन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। पुलिस को इनके पास से एक तमंचा भी मिला है।

फर्रुखाबाद के एसपी अशाके कुमार मीणा के मुताबिक, बदमाशों के फरार होने पर पुलिस अलर्ट हो गई थी। इस दौरान पुलिस ने रेलवे स्टेशन से दो संदिग्धों की गिरफ्तारी की। इसके बाद बदमाशों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि वह बजरिया के पास एक दरगाह में रात भर रुके थे।

इसके बाद उन्होंने भोपाल जाने की प्लानिंग की थी। किसी तरह वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन लेट है। पुलिस से बचने और भीड़भाड़ होने की वजह से वह पानी की टंकी के पास छिपकर बैठे थे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि ट्रामा सेंटर से भागे बदमाश इंजमाम और इरफान पर 20-20 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया गया था। इस सम्बन्ध में एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस टीम बदमाशों को गिरफ्तारी में तबाड़तोड़ दबिश दे रही थी।

इनके खिलाफ चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज था। जब पुलिस ने बदमाशों से पूछा कि वह अस्पताल से क्यों भागे थे। इस पर बदमाशों ने कहा कि गोली लगने बाद उन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इस बीच एक महिला कर्मचारी ने कहा कि यूपी पुलिस उनका एनकाउंटर करवा सकती है। इस डर से बदमाशों ने वार्ड से भागने की साजिश रची। जिसमें वह सफल हो गए।

बता दें कि ट्रामा सेंटर से भागने के हाथी पार्क के पास बने रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। जहां बदमाशों ने अपना प्लास्टर काटा। फिर एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर वह चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और बिना टिकट लिए फर्रुखाबाद के लिये ट्रेन में बैठ गये थे।

हैरत की बात है रास्ते में किसी ने उनका टिकट चेक नहीं किया और न ही उन्हें रोका। एक रिपोर्ट के मुताबिक बदमाशों के खिलाफ राजधानी लखनऊ समेत रायबरेली और अयोध्या जनपद में करीब दो दर्जन से ज्यादा अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।

यह भी पढ़ें- लखनऊ : पुलिस मुठभेड़ में जख्मी दो बदमाश पुलिस कस्टडी से फरार…जानें क्या है मामला

संबंधित समाचार