ज्ञानवापी मामला: जिला अदालत में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने वक्फ कानून पर उठाये सवाल, जानें क्या कहा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर मामले में जिला जज की अदालत के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हिंदू पक्ष ने यह मामला वक्फ अधिनियम 1995 के दायरे से बाहर होने की बात कही। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में लगातार चौथे दिन सुनवाई के दौरान …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर मामले में जिला जज की अदालत के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हिंदू पक्ष ने यह मामला वक्फ अधिनियम 1995 के दायरे से बाहर होने की बात कही। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में लगातार चौथे दिन सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से जिरह पूरी की गयी।
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी स्थल पर नियमित पूजा अर्चना की अनुमति देने संबंधी अर्जी पर सुनवाई कर रही अदालत में मुस्लिम पक्ष अपनी बहस पूरी कर चुका है। अदालत ने अब सुनवाई की अगली तारीख 18 जुलाई तय की है। सुनवाई के बाद मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने कहा कि सोमवार को अदालत में इस वाद की पोषणीयता पर सुनवाई होगी।
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उन्होंने जिरह के दौरान वक्फ कानून की वैधानिकता को सवालों के घेरे में खड़ा किया। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में वक्फ अधिनियम 1995 और पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) कानून 1991 लागू ही नहीं होते हैं। जैन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के वकील ने दलील दी कि वाद से जुड़ा स्थान वक्फ की संपत्ति संख्या 100 के रूप में दर्ज है। इसलिये यह वक्फ कानून के दायरे में आयेगी।
इसके जवाब में जैन ने कहा कि इस तरह का कोई गजट नोटिफिकेशन हुआ ही नहीं है, ना ही दस्तावेजों में इसे दर्ज किया गया है। इसे साबित करने वाले कोई दस्तावेज भी मौजूद नहीं हैं।
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