लखनऊ : कूड़े के ढेर में ‘ममता’ शर्मसार…जानें क्या है पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। मां अपने बच्चे के लिए हर दुख सहन करती है। उसे किसी चीज से कष्ट हो तो वह उसके लिए रक्षा कवच का रुप धारण कर लेती है लेकिन राजधानी लखनऊ में मां की ममता को झकझोर देने वाली घटना उजागर हुई है। जिस मां ने नौ महीने तक बच्चे को गर्भ पाला उसकी …

लखनऊ। मां अपने बच्चे के लिए हर दुख सहन करती है। उसे किसी चीज से कष्ट हो तो वह उसके लिए रक्षा कवच का रुप धारण कर लेती है लेकिन राजधानी लखनऊ में मां की ममता को झकझोर देने वाली घटना उजागर हुई है। जिस मां ने नौ महीने तक बच्चे को गर्भ पाला उसकी मां ने बच्चे को जन्म देने के बाद जानवरों का निवाला बनने के लिए कूड़े के ढेर में फेंक दिया।

मंगलवार को गुडंम्बा थानाक्षेत्र में खत्री चौकी अन्तर्गत हरसिंगार गुटखा फैक्ट्री के पास पुलिस को एक नवजात का शव मिला। जिसके बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है। हालांकि यह कोई पहली घटना नहीं हैं बल्कि तमाम ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

आपको बता दें कि मंगलवार की सुबह गुंडम्बा थानाक्षेत्र के खत्री चौकी अन्तर्गत हरसिंगार गुटखा फैक्ट्री के पास कूड़े के ढेर में एक राहगीर को कुत्तों को झुंड दिखाई पड़ा। कुत्ते झुंड बनाकर एक नवजात के शव को नोंच रहे थे। स्थानीय लोगों को इस बात की भनक लगी तो यह सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पर आग की तरह फैल गई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों घटनास्थल का मुआयना कर लोगों से बातचीत की लेकिन किसी को नहीं कोई जानकारी थी कि नवजात को कूड़े के ढेर में कौन फेंक कर चला गया। नवजात को जिंदा या मृत अवस्था में फेंका गया। इसके बाद पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। इस सम्बन्ध में गुडम्बा थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी गई है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है। नवजात को फेंके जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस सम्बन्ध में बाल कल्याण समिति की सदस्य डॉ संगीता शर्मा ने बताया कि राजधानी में यह कोई पहली घटना नहीं हैं बल्कि तमाम ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी है। ज्यातर मामलों में नवजात का तिरस्कार करने वाले मां-बाप अविवाहित होते हैं या फिर बेटे की चाहत पूरी न होने पर नवजात बच्ची को इतनी बढ़ी सजा देते हैं। ऐसे में शहर के आश्रय होम में पालना गृह बनाया गया। अगर कोई भी नवजात को अपनाना नहीं चाहते है तो वह पालना गृह में बच्चे को रखकर जीवनदान दे सकते हैं।

यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर में बंद पॉलिथिन में मिला नवजात का शव | Amritvichar

संबंधित समाचार