पीलीभीत: वाहनों की छत पर बैठकर कांवड़िये न करें सफर- एडीजी

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पीलीभीत, अमृत विचार। कांवड़ यात्रा और मुहर्रम को लेकर एक बार फिर जोन स्तर से पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्लानिंग की। जिसके तहत कांवड़ियों को लेकर कई निर्णय लिए गए हैं। जिला स्तर पर एसपी, सर्किल अफसर और थाना प्रभारियों को आठ बिंदुओं पर काम करने के लिए …

पीलीभीत, अमृत विचार। कांवड़ यात्रा और मुहर्रम को लेकर एक बार फिर जोन स्तर से पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्लानिंग की। जिसके तहत कांवड़ियों को लेकर कई निर्णय लिए गए हैं। जिला स्तर पर एसपी, सर्किल अफसर और थाना प्रभारियों को आठ बिंदुओं पर काम करने के लिए निर्देशित किया गया है। स्पष्ट कहा है कि न तो किसी तरह हादसा हो, न ही कोई नई परंपरा डले। इसके लिए अलर्ट मोड पर रहें। इस क्रम में अब एक बार फिर कांवड़ यात्रा के जत्थेदारों संग बैठक की जाएगी।

एक दिन पहले ही एडीजी बरेली जोन राजकुमार ने समस्त जिलों के एसपी, सीओ और थाना प्रभारियों के साथ ही नोडल अधिकारियों संग गूगल मीट की थी। जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन किया गया था। इसके बाद अब नए दिशानिर्देश दिए गए हैं। ताकि आगे कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराया जा सके। किसी तरह के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। एडीजी की ओर से किए गए आदेश में स्पष्ट कहा गया कि सभी कांवड़ जत्थेदारों के साथ पुन: बैठक कर ली जाए। कोई भी वाहन की छत पर बैठकर या खड़े होकर यात्रा नहीं करे।

पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए रूट से ही कांवड़िये निकले। नई परंपरा न डाली जाए। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की आवाज मानक के अनुसार ही रखी जाए। साथ ही सिर्फ धार्मिक गीत ही बजाएं। किसी तरह का भड़काऊ गीत न बजाया जाए, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो। इसका सख्ती से पालन कराया जाए। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा सख्त रहे। मार्ग और मंदिरों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की ड्यूटी लगाएं।

मंदिर पर सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी करने में गंभीरता बरतें। किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। ट्रैफिक डायवर्जन प्लान की पुन: समीक्षा कर ली जाए। उसका कड़ाई से पालन कराएं। समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वह क्षेत्र के धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, व्यापारी और मीडिया से लगातार संवाद स्थापित करें।

ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी मदद ली जा सके। देर रात में संबंधित थाने की पुलिस टीम धार्मिक स्थलों की चेकिंग करती रहे। अगर, कोई वारदात होती है तो उसे हल्के में न लें। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौके पर भेजा जाए। अफसर खुद भी मौके पर जाएं और वार्ता करते हुए शांति व्यवस्था बहाल कराने का काम करें।

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