बरेली: आरोपी हस्सान के रिमांड आदेश के खिलाफ दायर रिवीजन सेशन कोर्ट से खारिज

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बरेली, अमृत विचार। चर्चित बिरयानी दुकान बवाल मामले के मुख्य आरोपी हस्सान के रिमांड आदेश के विरुद्ध दायर रिवीजन सेशन कोर्ट से खारिज हो गई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के पालन में लापरवाही बरतते हुए 57 सीआरपीसी में वर्णित प्रावधान के अनुसार गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी पेश नहीं किया। इसे आधार …

बरेली, अमृत विचार। चर्चित बिरयानी दुकान बवाल मामले के मुख्य आरोपी हस्सान के रिमांड आदेश के विरुद्ध दायर रिवीजन सेशन कोर्ट से खारिज हो गई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के पालन में लापरवाही बरतते हुए 57 सीआरपीसी में वर्णित प्रावधान के अनुसार गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी पेश नहीं किया। इसे आधार बनाते हुए निचली अदालत के रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका को प्रभारी जिला जज की अदालत ने बुधवार को खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीति कुमार पाठक ने स्वास्थ्य व सुरक्षा के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि न्यायालय द्वारा रिमांड पर लिए जाने का आदेश अन्तरवर्तीय आदेश है, जिसके विरुद्ध निगरानी पोषणीय नहीं है। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने निगरानी पर सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि 14 जुलाई की घटना में हस्सान के शरीर पर गम्भीर चोटें आई। उसका भाई उसे थाने लेकर गया, पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर होने की वजह से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।

15 जुलाई को करीब 2.15 बजे अस्पताल से निकाला गया। अन्य आरोपियों के साथ कोर्ट में लाया गया। कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश की गयी रिमांड अर्जी बिना मेडिकल रिपोर्ट स्वीकार नहीं की गई। पुलिस हस्सान को फिर जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी, जहां हालत खराब होने पर केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान 2 यूनिट खून चढ़ाया गया।

17 जुलाई की रात 10 बजे लखनऊ से वापस लाकर हस्सान की रिमांड को कोर्ट में उसे पेश किया। हस्सान की गम्भीर हालत देखते हुए अदालत ने देर रात 12.30 बजे जिला अस्पताल में परीक्षण का निर्देश दिया। 18 जुलाई को पुलिस ने सुबह 11 बजे हठधर्मिता दिखाते हुए कोर्ट में 65 घंटे के बाद पेश किया, मगर निचली अदालत ने हस्सान को व्यक्तिगत बेलबांड पर नहीं छोड़ा बल्कि दो दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ हस्सान
एसीजेएम-3 कोर्ट ने बुधवार तक हस्सान की न्यायिक हिरासत मंजूर की थी। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हस्सान कोर्ट में पेश हुआ। सीजेएम कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड आगे बढ़ाते हुए 25 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया। 19 जुलाई को निचली अदालत से हस्सान की जमानत अर्जी खारिज होने के कारण इसी दिन सेशन में जमानत अर्जी पेश की गई थी। अब जमानत अर्जी पर सेशन कोर्ट में 22 जुलाई को सुनवाई होगी।

अभियोजन से सामंजस्य की कमी से हुई पुलिस की फजीहत
बिरयानी बवाल मामले में पुलिस की कोर्ट में काफी फजीहत हुई है। कानूनी प्रक्रिया के पालन में पुलिस ने चूक की है। इस पर एसीजेएम-3 कोर्ट ने एसएसपी को भी विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई को पत्र भेजा था। अभियोजन अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने इस मामले में न तो अभियोजन और न ही शासकीय अधिवक्ताओं की राय ली थी, जब किरकिरी हुई है तब विवेचक व संबंधित पुलिस अधिकारी अभियोजन अधिकारियों से कोर्ट से बचाने की गुहार लगाते फिर रहे हैं।

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