लखनऊ: 137.5 करोड़ से बदलेगी वार्डों की सूरत, हर वार्ड में सवा करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य

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अमृत विचार/संवाददाता/ लखनऊ। राजधानी के 110 नगर निगम वार्डों की 137.5 करोड़ रुपये से सूरत बदलेगी। हर वार्ड में सवा करोड़ रुपये से जनहित के विकास कार्य कराये जाएंगे। महापौर संयुक्ता भाटिया ने वार्ड विकास निधि से कार्य कराने के लिए बुधवार को नगर आयुक्त को निर्देश जारी किया था। जिसके बार गुरुवार को नगर …

अमृत विचार/संवाददाता/ लखनऊ। राजधानी के 110 नगर निगम वार्डों की 137.5 करोड़ रुपये से सूरत बदलेगी। हर वार्ड में सवा करोड़ रुपये से जनहित के विकास कार्य कराये जाएंगे। महापौर संयुक्ता भाटिया ने वार्ड विकास निधि से कार्य कराने के लिए बुधवार को नगर आयुक्त को निर्देश जारी किया था। जिसके बार गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भी देने शुरू कर दिए।

नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा के पास पार्षदों की भीड़ लगी रही। मुख्य अभियंता ने बताया कि प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद इस्टीमेंट तैयार कर विकास कार्यों के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। इस प्रक्रिया में कम से कम एक महीना लग जाएगा। बारिश समाप्त होने के बाद ही विकास कार्य शुरू हो पाएंगे।

समय पर काम हो पाना मुश्किल

नगर निगम सदन में बजट 13 जून को पास हो गया था। लेकिन इस पर महापौर और नगर आयुक्त के हस्ताक्षर होने में देरी हुई। गुरुवार से वार्ड विकास निधि के तहत पार्षद कोटे से नगर निगम के वार्डों में कार्य शुरु करने के लिए पार्षदों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। कुछ पार्षदों ने क्षेत्र में विकास कार्य समय से शुरू न हो पाने की आशंका जताई है। प्रक्रिया पूरी होने में एक महीने का समय लगेगा। सितंबर में नगर निकाय चुनाव होने प्रस्तावित हैं। आचार संहिता लगने के बाद नए टेंडर नहीं हो पाएंगे। पार्षदों को विकास कार्य के लिए केवल एक महीने का समय मिल पाएगा।

वार्ड विकास निधि से ये होंगे काम

वार्ड विकास निधि से नगर निगम के सभी वार्डों में नाली, खडंजा, सड़क, पुलिया, सीवर लाइन, वाटर लाइन, पार्क, लाइट, सबमरसेबल आदि कार्य कराये जाएंगे।

बजट पर हस्ताक्षर करने में देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। जनता से जुड़े विकास कार्य बारिश के बाद ही शुरू हो पाएंगे। दो महीने बाद नगर निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। आचार संहिता लग जाने के बाद कोई भी नया काम शुरु नहीं हो पाएगा। यह महापौर और नगर आयुक्त का जनता को लॉलीपॉप है…अमित चौधरी, पार्षद, महात्मा गांधी वार्ड।

वार्ड विकास निधि के तहत शहर में विकास कार्य शुरु करने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्षदों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। इस्टीमेट तैयार करने के बाद टेंडर निकाले जाएंगे। इसमें एक महीने का समय लगेगा। बारिश के बाद ही विकास कार्य शुरू हो पाएंगे…महेश वर्मा, मुख्य अभियंता, लखनऊ नगर निगम।

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