राजभर के बेटे ने सपा पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- ‘दौपदी मुर्मू हमारे बीच से हैं ये बात अखिलेश को अच्छी नहीं लगी’
लखनऊ। सपा से अलग होने के बाद सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के दूसरे गठबंधन यानि बीजेपी से हाथ मिलाने की खबरें तेज हो गई है। शनिवार को सपा द्वारा जारी चिट्ठी के बाद राजभर के एक बयान आया है। जिसमें उन्होंने कहा, “जब पहले चरण का विधानसभा चुनाव हुआ तभी कहा था मैंने कि …
लखनऊ। सपा से अलग होने के बाद सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के दूसरे गठबंधन यानि बीजेपी से हाथ मिलाने की खबरें तेज हो गई है। शनिवार को सपा द्वारा जारी चिट्ठी के बाद राजभर के एक बयान आया है। जिसमें उन्होंने कहा, “जब पहले चरण का विधानसभा चुनाव हुआ तभी कहा था मैंने कि अतिपिछड़ों को टिकट दीजिए। कश्यप, पाल, प्रजापति, नाइ, गोंड़, धोबी, पासी, खटीक, और लोहार को टिकट दीजिए। लेकिन उनके दिमाग में मेरी बात नहीं जमती थी। हम पिछड़ी जातियों के लिए लड़ते रहे हैं। उनको इस बात का बुरा लगता रहा है। वो चाहते थे कि हम उनके सुर में सुर मिलाकर बात करते रहें। लेकिन मैंने किसी के सुर में सुर मिलाकर बोलने के लिए पार्टी नहीं बनाई है।”
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— Arvind Rajbhar – डॉ० अरविन्द राजभर (@arvindrajbhar07) July 23, 2022
अरविंद राजभर की चिट्ठी
ओपी राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव के पास न तो पिछड़ों या फिर न राजभर टिकट देने की बात कही। इसके लिए मैं कहता रहा और लड़ता रहा। लेकिन आज मुझे उन्होंने तलाक दे दिया है। हम मिले सीएम योगी से किसी समस्या के लिए तो बहुत गुनाह है। लेकिन मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव मिले तो बहुत अच्छा है।”
उन्होंने कहा, “अब अगला कदम बहुजन समाज पार्टी जिंदाबाद। हम वहां जाएंगे, बात करेंगे देखेंगे वो क्या कहते हैं।” वहीं राजभर के बेटे और पार्टी महासचिव अरविंद राजभर ने चिट्ठी में कहा, “मैं जानता हूं कि दौपदी मुर्मू हमारे बीच से हैं ये बात अखिलेश यादव को अच्छी नहीं लगी। मुझे अब कहां जाना है इसका फैसला अब आप नहीं बल्कि हमारी पार्टी और कार्यकर्ता करेंगे।”
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