दिवालिया होने की कगार पर पाकिस्तान! बचने के लिए दूसरे देशों को बेचेगा अपनी संपत्ति
इस्लामाबाद। पाकिस्तान इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और देश में महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। विदेशी कर्ज अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे हालात से निपटने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने देश की राष्ट्रीय संपत्ति को ही बेचने का फैसला किया है। सरकार ने फैसला …
इस्लामाबाद। पाकिस्तान इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और देश में महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। विदेशी कर्ज अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे हालात से निपटने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने देश की राष्ट्रीय संपत्ति को ही बेचने का फैसला किया है। सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचकर विदेशी कर्ज चुकाया जाएगा। इसके लिए संघीय मंत्रीमंडल ने एक अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी है। पाकिस्तान पर इस वक्त दिवालिया होने का संकट बरकरार है।
पाकिस्तान की मीडिया में सरकार के इस फैसले की खासी चर्चा हो रही है। मीडिया के अनुसार, सरकार ने विदेशी राष्ट्रों को अपनी सरकारी संपत्ति बेचने का फैसला किया है ताकि, कर्ज कम किया जा सके। मीडिया में कहा जा रहा है कि सरकार दिवालिया होने से बचने के लिए ऐसा कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय मंत्रीमंडल ने अंर्तसरकारी वाणिज्यिक हस्तांतरण अध्यादेश-2022 को मंजूरी दे दी है। खबर में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने के लिए पाकिस्तान सरकार ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए खास तौर पर प्रावधान किया गया है कि सरकार के इस फैसले को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अबतक इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने मई महीने में पाकिस्तान के बैंकों में नकदी जमा करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वह पहले के कर्जे की अदायगी नहीं कर सका है। इसके बजाय यूएई ने निवेश के लिए पाकिस्तान को अपनी कंपनियों को खोलने के लिए कहा था।
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