बहराइच: तत्कालीन डीआईओएस पर लगा हजारों का जुर्माना, राज्य सूचना आयोग ने की कार्रवाई

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बहराइच। शहर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता ने तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक से पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। लेकिन डीआईओएस द्वारा गलत सूचना दे दी गई थी। डीआईओएस राज्य सूचना आयोग में भी नहीं जा रहे थे। अब राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन डीआईओएस पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही वर्तमान डीआईओएस को …

बहराइच। शहर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता ने तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक से पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। लेकिन डीआईओएस द्वारा गलत सूचना दे दी गई थी। डीआईओएस राज्य सूचना आयोग में भी नहीं जा रहे थे। अब राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन डीआईओएस पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही वर्तमान डीआईओएस को तलब कर मामले की जानकारी मांगी है।

शहर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रोशन लाल नाविक ने तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र पांडेय से वर्ष 2014/15 में राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भेजी गई सूची मांगी थी। जिसमें उनका कहना है कि एक अपात्र शिक्षक को योजना के लिए चयनित कर लिया गया है। लेकिन तत्कालीन डीआईओएस द्वारा सूचना नहीं दिया गया। जिस पर आरटीआई कार्यकर्ता ने 14 फरवरी 2020 को संयुक्त शिक्षा निदेशक से जानकारी के लिए पत्र दिया।

एडी बेसिक शिक्षा के निर्देश पर तत्कालीन डीआईओएस ने गलत सूचना दे दी। इससे नाराज आरटीआई कार्यकर्ता ने राज्य सूचना आयोग को शिकायत की। राज्य सूचना आयुक्त ने 15 मार्च 2022 को तत्कालीन डीआईओएस राजेंद्र पांडेय को आयोग में तलब किया। फिर भी वह हाजिर नहीं हुए। इस पर सोमवार को आयोग ने 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए वेतन से राशि काटे जाने के निर्देश दिए। साथ ही वर्तमान डीआईओएस डॉक्टर चंद्रपाल को तलब कर सूची मांगी है।

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