सरकार लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग सुनने को तैयार : गुणवर्धने

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कोलंबो। श्रीलंका के नवनियुक्त प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने ने बुधवार को कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग सुनने को तैयार है। उन्होंने आतंकवादी कृत्यों की भर्त्सना की और इसे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। गुणवर्धने (73) राजपक्षे परिवार के सहयोगी रहे हैं और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे …

कोलंबो। श्रीलंका के नवनियुक्त प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने ने बुधवार को कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग सुनने को तैयार है। उन्होंने आतंकवादी कृत्यों की भर्त्सना की और इसे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। गुणवर्धने (73) राजपक्षे परिवार के सहयोगी रहे हैं और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के स्कूल के समय से दोस्त हैं।

देश में अभूतपूर्व आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच पिछले सप्ताह गुणवर्धने को श्रीलंका के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई। उन्होंने संसद में बुधवार को कहा कि श्रीलंका सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वालों की बात सुनने के लिए तैयार है लेकिन वह आतंकवादी कृत्यों को स्वीकार नहीं करेगी। डेली मिरर की खबर के अनुसार, गुणवर्धने ने कहा, “आतंकवाद, लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है और संसद आतंकवादी कृत्यों का समर्थन नहीं करेगी।”

उन्होंने कहा, “विभिन्न राजनीतिक विचारधाराएं हो सकती हैं लेकिन लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए संसद को एक होकर काम करना होगा।” श्रीलंका के सुरक्षा बलों ने राष्ट्रपति विक्रमसंघे के आदेश पर शुक्रवार को तड़के कोलंबो में राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर डेरा डाले, सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को वहां से बलपूर्वक हटा दिया। इस कार्रवाई मे 50 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की व्यापक आलोचना की गई। आलोचना करने वालों में कोलंबों में मौजूद विदेशी दूत भी शामिल थे।

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