जापान में फैल रहा बंदरों का आतंक, बदमाशों को नहीं अब बंदरों को पकड़ेगी जापानी पुलिस

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Edited By Amrit Vichar
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टोक्यो। जापान के लोगों में इन दिनों बंदरों की काफी दहशत बनी हुई है। ऐसे में अब इस पर लगाम कसने के लिए जापानी पुलिस उतर आई है। मंगलवार को इन बंदरों ने यामागुशी में 50 लोगों को घायल कर दिया। हमलों के लिए जापानी मैकाक को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, …

टोक्यो। जापान के लोगों में इन दिनों बंदरों की काफी दहशत बनी हुई है। ऐसे में अब इस पर लगाम कसने के लिए जापानी पुलिस उतर आई है। मंगलवार को इन बंदरों ने यामागुशी में 50 लोगों को घायल कर दिया। हमलों के लिए जापानी मैकाक को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के बड़े हिस्से में ये बंदरों का आतंक आम दृश्य है, लेकिन इस तरह की घटनाएं असामान्य हैं। शहर के एक अधिकारी ने अपना नाम बताने से इनकार करते हुए कहा कि इतने कम समय में इतने हमले देखना दुर्लभ है। शुरुआत में केवल बच्चों और महिलाओं पर हमला किया गया था। हाल ही में बुजुर्गों और वयस्क पुरुषों को भी निशाना बनाया गया है। अभी तक ऐसी घटनाओं की खबरें आ रही हैं और गैंग के बाकी सदस्‍यों की तलाश की जा रही है।

इस शहर में जुलाई की शुरुआत में पुलिस जाल के साथ इन जंगली बंदरों को पकड़ने में असफल रही थी। पुलिस ये भी सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं कि हमला कोई एक बंदर कर रहा है या इनके पीछे कई सारे बंदरों का हाथ है, क्योंकि हमले में घायल लोगों पर अलग-अलग चोटें पाई गई थीं।

इस प्रजाति के बंदरों को अंतरराष्ट्रीय संघ ने दुर्लभ प्रजाति के तौर पर सूचीबद्ध कर रखा है। यामागाटा यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, लोगों और मैकाक के बीच गंभीर संघर्ष शुरू हो गया है। इसके बाद पुलिस को इन्‍हें पकड़ने के लिए गश्‍त भी लगानी पड़ी। गैंग का एक बंदर कुछ दिनों पहले एक घर में घुस गया था और इसने एक 4 साल की बच्‍ची को घायल कर दिया था। वहीं एक बंदर किंडरगार्टन क्‍लास रूम में दाखिल हो गया था। जापान में मकाक बंदरों की जनसंख्‍या बढ़ना भी अथॉरिटीज के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है।

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