अयोध्या: खतरे के निशान से महज एक सेमी दूर है सरयू नदी, मंडराया बाढ़ का खतरा
अयोध्या। हर घंटे करीब दो मिलीमीटर बढ़ रहे जलस्तर के चलते सरयू नदी अब खतरे के निशान से महज एक सेंटीमीटर दूर रह गई है। गुरुवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 से मात्र एक सेंटीमीटर नीचे 91.92 दर्ज किया गया है, जिसके चलते बाढ़ का संकट गहरा गया है। वहीं पूराबाजार और …
अयोध्या। हर घंटे करीब दो मिलीमीटर बढ़ रहे जलस्तर के चलते सरयू नदी अब खतरे के निशान से महज एक सेंटीमीटर दूर रह गई है। गुरुवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 से मात्र एक सेंटीमीटर नीचे 91.92 दर्ज किया गया है, जिसके चलते बाढ़ का संकट गहरा गया है। वहीं पूराबाजार और रुदौली तहसील के बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में कटान की कटार भी तेजी से चल रही है।
जिला प्रशासन सभी तरह की तैयारियों का दावा कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि दस में से एक भी बाढ़ चौकी अभी तक सक्रिय नहीं की गई है। गुरुवार सुबह आठ बजे तक विभिन्न बैराजों से करीब 2 लाख 69 हजार 842 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जिसके कारण सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
माना जा रहा है कि सरयू का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो बहुत जल्द बाढ़ दस्तक दे सकती है। जिले में सदर तहसील के 10, रुदौली के 7 और सोहावल का एक गांव बाढ़ के दायरे में आते हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण इन गांवों में अब कटान भी शुरू हो गई है। इसके बाद भी अभी तक बचाव और राहत के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों की मानें तो जब तक गांवों में पानी नहीं घुस जाता तब तक प्रशासन नहीं चेतता है। इसी बीच प्रशासन का दावा है कि बाढ़ की संभावना 15 अगस्त से पहले नहीं है, जबकि जिम्मेदार खुद बता रहे हैं गत वर्ष अक्टूबर में ही बाढ़ ने कहर मचा दिया था।
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रभारी दैवीय आपदा महेंद्र कुमार सिंह का कहना है जलस्तर तो बढ़ रहा है लेकिन अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। उनका कहना है कि सभी तरह की तैयारी की जा रही है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अभी बाढ़ चौकियां सक्रिय नहीं की गई है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि हर वर्ष यही आलम रहता है जब बाढ़ का पानी गांवों में घुस जाता है तब प्रशासन की हाय-तौबा मचती है।
पूराबाजार के इलाकों में कटान हुई तेज
सरयू का जल स्तर बढ़ने के साथ पूराबाजार ब्लाक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कटान तेज हो गई है। कई घर कटान के कगार पर हैं, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग लेकर भयभीत हैं। प्रशासन ने अभी तक किसी प्रकार का कोई इंतजाम नहीं किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रामपुर पुवारी माझा के मदराही में कटान तेज हो गई है। गांव के ही जगतपाल साहब, फतेह बहादुर निषाद, कोमल निषाद, चंद्रावती, रामनाथ, अशोक कुमार, सुनील कुमार और श्याम सुंदर का मकान कटान के कगार पर है।
इन लोगों का कहना है कि घर गृहस्थी का सारा सामान नदी में समा जाएगा तो हम लोग कहां जाएंगे। अभी तक कटान रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं हुआ है। रामपुर पुआरी के प्रधान रमेश कुमार निषाद ने बताया कि रामपुर पुआरी के मदराही धनई का पुरवा तौलेसर का पुरवा गिलनट नई दुनिया सहित छह मजरे की 1800 आबादी कटान से प्रभावित है, जिसमें मदराही के 100 परिवार कटान की जद में हैं। लेखपाल राम फकीरे ने बताया कि कटान की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। लेकिन कटान रोकने का इंतजाम अभी तक नहीं हुआ है।
रुदौली के तराई क्षेत्र वासियों को सताने लगा है डर
रुदौली तहसील प्रशासन ने पूरी तैयारियों का दावा किया है लेकिन सरयू नदी का रौद्र रूप देखकर ग्रामीण भयभीत हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से इलाके में हलचल बढ़ गई है। वहीं तहसील प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ की आशंका में सरयू नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों ने ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर पलायन की तैयारी शुरू कर दिया है। तहसील क्षेत्र के कोपेपुर, बरई, सराय नासिर, चक्का, अब्बूपुर, सल्लाहपुर, कैथी व महंगू का पुरवा सहित दर्जनों गांव में कटान जारी है।
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