क्या Ola और Uber का मर्जर होने वाला है? … नो इफ, नो बट, असलियत जानिए फटाफट

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नई  दिल्ली। उबर ने ओला के साथ विलय की बातचीत के दावे वाली एक मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट गलत है। बकौल उबर, हमने ओला के साथ विलय की कोई बातचीत ना तो की है और ना ही ऐसा करने का विचार है। इससे पहले ओला के सीईओ भाविश …

नई  दिल्ली। उबर ने ओला के साथ विलय की बातचीत के दावे वाली एक मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट गलत है। बकौल उबर, हमने ओला के साथ विलय की कोई बातचीत ना तो की है और ना ही ऐसा करने का विचार है। इससे पहले ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ने भी इसे बकवास बताया था।

क्सी एग्रीगेटर ओला (Ola) और उबर (Uber) के मर्जर की बातें कोरी अफवाहें साबित हुई हैं। ओला के को-फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने इन अटकलों पर पानी फेर दिया है। अग्रवाल ने कहा कि ओला और उबर के मर्जर की खबरें बिल्कुल बकवास है। उन्होंने मर्जर की अफवाहें फेलने के बाद शुक्रवार रात ट्वीट कर यह बात कही।

अग्रवाल ने कहा कि उनकी कंपनी ओला मुनाफे में चल रही है और किसी के साथ भी मर्जर नहीं करने वाली है। दूसरी तरफ उबर की ओर से भी इन रिपोर्ट्स को खारिज किया गया है। शुक्रवार को इस तरह की रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि ओला और उबर के अधिकारियों की बैठक हुई है और मर्जर का प्लान किया जा रहा है।

ओला के को-फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल ने अपने ट्वीट में कहा, ये सब बिल्कुल बकवास बाते हैं। हम काफी मुनाफे में हैं और अभी हमारी कंपनी की ग्रोथ भी अच्छी चल रही है। अगर कोई दूसरी कंपनी अपना कारोबार छोड़ना चाहती है, तो उसका स्वागत है। हम कभी भी किसी कंपनी के साथ मर्ज नहीं करने वाले हैं।

कंपनी की तरफ से कहा गया, ओला दुनिया में सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली राइड हेलिंग कंपनियों में शामिल है। हमारी बैलेंस शीट काफी मजबूत है। हम भारत में मार्केट लीडर हैं। दूसरी कंपनी से हमारा बिजनस काफी बड़ा है। इसलिए मर्जर का सवाल ही पैदा नहीं होता है। हमारा मानना है कि भारत में मोबिलिटी सर्विसेज में अभी अपार संभावनाएं हैं।

दरअसल, भारतीय बाजार में दबदबा कायम करने के लिए दोनों कंपनियों के बीच तगड़ी होड़ मची है। वे ड्राइवरों को इनसेंटिव और पैसेंजरों को डिस्काउंट देने में अरबों डॉलर झोंक चुकी हैं। लेकिन हाल के वर्षों में उनके बीच होड़ में कमी आई है। इसकी वजह यह है कि महामारी के कारण देश में एप बेस्ड कैब हेलिंग की मांग में कमी आई है।

इस कारण दोनों कंपनियों को अपनी वित्तीय स्थिति को दुरुस्त करना पड़ रहा है। ओला ने अपनी क्विक डिलीवरी और यूज्ड कार बिजनस बंद कर दिया है। साथ ही कंपनी ने करीब 1000 लोगों को निकाल दिया है। बता दें कि जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक (Softbank) का इन दोनों कंपनियों में निवेश है।

ओला और उबर भारतीय बाजार में इस समय मुश्किलों का सामना कर रही हैं। दोनों कंपनियों के सामने कई सारी चुनौतियां हैं। एशिया में सिर्फ जापान और भारत तक ही उबर का बाजार सीमित रह गया है। कुछ देशों में तो कंपनी को अपनी सेवाएं बंद भी करनी पड़ गईं। कोरोना महामारी के बाद से इन कंपनियों का बजनेस काफी प्रभावित हुआ है। एक तरफ ओला को अपना ग्रॉसरी वाला बिजनेस बंद करना पड़ा तो उबर को अपना ‘उबर ईट्स’ बेचना पड़ा था।

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