दिल्ली में बंद हो सकती हैं शराब की कई और दुकानें, जानें पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में शराब खरीदने वालों के लिए बुरी खबर सामने आई है। जहां अभी तक जो शराब पर भारी छूट मिल रही है वो अब बंद होने के कगार पर है। कारण यह है कि दिल्ली सरकार अब पुरानी आबकारी नीति पर लौटने की सोच रही है। सरकार यह कदम …

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में शराब खरीदने वालों के लिए बुरी खबर सामने आई है। जहां अभी तक जो शराब पर भारी छूट मिल रही है वो अब बंद होने के कगार पर है। कारण यह है कि दिल्ली सरकार अब पुरानी आबकारी नीति पर लौटने की सोच रही है। सरकार यह कदम आबकारी नीति 2021-22 पर मचे विवाद को देखते हुए उठा सकती है।

इसी बीच 200 से ज्यादा दुकानें बंद भी हो गई हैं। वहीं, अगले कुछ दिनों में कुछ और दुकानें भी बंद हो सकती हैं। दरअसल, दिल्ली में शराब का कारोबार करने वाले कारोबारियों ने सरकार की शराब नीति से दूरी बना ली है और दुकानों को बंद करना शुरू कर दिया है। इसके पीछे बड़ी वजह दुकानदारों का आर्थिक नुकसान है। इसके कारण वे अपने लाइसेंस सरकार को वापस कर रहे हैं।

क्या है शराब कारोबारियों का दर्द?
पूर्वी दिल्ली में शराब की नई आबकारी नीति के तहत एक कारोबारी का कहना है कि सरकार अपनी पॉलिसी को खुद ही सही तरीके से ना ही इंप्लीमेंट कर पाई और ना ही समझ पाई। दरअसल, पहले सरकार ने शराब पर डिस्काउंट देने की छूट दी थी। बाद में सरकार ने इसे हटा दिया। फिर दोबारा शराब पर डिस्काउंट देने की छूट दे दी। इससे भी शराब कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

मनीष सिसोदिया के इस्तीफे की मांग
सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी को लेकर शुरुआत से ही विपक्ष हमलावर है। पिछले दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल ने चीफ सेक्रेटरी की रिपोर्ट के आधार पर एक्साइज पॉलिसी पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उसके बाद कांग्रेस, बीजेपी दोनों उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस दिन आई थी पॉलिसी?
दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति पिछले साल 17 नवंबर को लाई गई थी, जिसमें दिल्ली में सभी सरकारी और प्राइवेट शराब की दुकानों को बंद कर के नए सिरे से टेंडर जारी किए गए थे। सरकार का दावा था कि एक्साइज पॉलिसी से करोड़ों रुपए का सरकार को राजस्व होगा और शराब माफिया पर लगाम लगेगी।

ये भी पढ़ें- क्या Ola और Uber का मर्जर होने वाला है? … नो इफ, नो बट, असलियत जानिए फटाफट

संबंधित समाचार