लखनऊ: सिपाहियों की कमी, अवैध वाहनों की चेकिंग से कतरा रहे अधिकारी
लखनऊ। सुल्तानपुर की घटना के बाद अवैध वाहनों की चेकिंग करना परिवहन विभाग के लिए सिरदर्द बन गया है। विभाग के कर्मचारी व अधिकारी इस पसोपेश में हैं कि वे चेकिंग के नाम पर पहले अपनी जान बचाये या वाहनों की चेकिंग करें। यही नहीं, जो भी अधिकारी चेकिंग करने जा रहे हैं, उन्हें बिना …
लखनऊ। सुल्तानपुर की घटना के बाद अवैध वाहनों की चेकिंग करना परिवहन विभाग के लिए सिरदर्द बन गया है। विभाग के कर्मचारी व अधिकारी इस पसोपेश में हैं कि वे चेकिंग के नाम पर पहले अपनी जान बचाये या वाहनों की चेकिंग करें। यही नहीं, जो भी अधिकारी चेकिंग करने जा रहे हैं, उन्हें बिना सुरक्षा व्यवस्था के भेजा जा रहा है। विभाग में सिपाहियों की कमी है और चेकिंग के दौरान बाहरी व्यक्तियों के ले जाने पर परिवहन मंत्री ने रोक लगा दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सिपाहियों की कमी से चेकिंग प्रभावित हो रही है।
इस समस्या को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश भर में चेकिंग अधिकारियों के साथ ही सिपाहियों की संख्या भी बहुत कम है। इसके बावजूद अधिकारियों पर चेकिंग का दबाव बनाया जा रहा है। उनको कार्रवाई के लिए लक्ष्य दिया जा रहा है, जिसे पूरा करना है। विभाग का यह हाल तब है जब हाल ही में सुलतानपुर में चेकिंग के दौरान एक वाहन ने एक सिपाही और एक चालक को कुचल कर मार डाला। मामला सिर्फ यही तक सीमित नहीं है।
परिवहन विभाग मुख्यालय में तैनात एक आला अफसर ने एक चेकिंग अधिकारी को अकेले ही वाहन जांचने के आदेश दे दिये, वह भी रात में नौ बजे से सुबह छह बजे तक। इस आदेश से चेकिंग अधिकारी सांसत में आ गए। इसके बाद प्रदेश भर के चेकिंग अधिकारियों ने मुख्यालय को पत्र लिख कर सिपाहियों के पद बढ़ाए जाने की मांग की। अधिकारियों ने अकेले चेकिंग पर जाने से असमर्थता जताई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई जिलों में सिपाही की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में वहां पर चेकिंग भगवान भरोसे ही की जा रही है।
737 सिपाही के पद, तैनात हैं 290
परिवहन विभाग में एआरटीओ प्रवर्तन के कुल 116 पद हैं। इसके सापेक्ष 64 पदों पर ही अधिकारियों की तैनाती है। 52 पद खाली पड़े हैं। पीटीओ के 120 पद है, यहां 82 पदों पर ही तैनाती की गई है। जबकि 38 पद खाली पड़े हैं। विभाग में सिपाहियों के 737 पद हैं। मगर सेवाएं 290 सिपाही ही दे रहे हैं। इनमें भी कई चालक पद पर तैनात हैं।
सिपाहियों की कमी है। इस कारण दिक्कतें आ रही हैं। संयुक्त चेकिंग अभियान भी चलता है। एक साथ अधिकारी और सिपाही मिल कर अभियान चलाते हैं…वीके सोनकिया, अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन, परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश।
सिपाहियों की कमी दूर करने के लिए व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्रयास जारी है। जल्द ही खाली पदों पर भर्ती की जायेगी।
नरेन्द्र सिंह…अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन, परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश।
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