मुरादाबाद : बैंक गार्ड से दो लाख की ठगी, सोने के जेवरात देने के बदले रुपये लेकर भागा आरोपी

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मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बैंक गार्ड से दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। आरोपी गार्ड से सोने के जेवर देने के बदले दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया। गार्ड की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज किया है। डिलारी थाना क्षेत्र में ग्राम सलेमसराय निवासी …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बैंक गार्ड से दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। आरोपी गार्ड से सोने के जेवर देने के बदले दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया। गार्ड की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज किया है।

डिलारी थाना क्षेत्र में ग्राम सलेमसराय निवासी जितेंद्र ने तहरीर में बताया कि वह भोजपुर के इस्लामनगर स्थित बैंक में गार्ड हैं। कुछ दिन पहले बैंक में गोरखपुर निवासी सचिन खाता खुलवाने आया था। सचिन ने जितेंद्र से कहा कि मेरा किसी वजह से बैंक में खाता नहीं खुल पाया है और मुझे पैसे की बहुत जरूरत है। इसमें सचिन ने जितेंद्र से कहा कि वह बहुत बीमार है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत है। सचिन ने उससे कहा कि उसके पास सोना के कुछ जेवरात हैं।

जिनको तुम खरीद लो वह यह जेवरात बाजार से बहुत कम कीमत में दे देगा। जितेंद्र ने जेवरात खरीदने के लिए तय कर लिए। 31 जुलाई की सुबह 11 बजे सचिन ने जितेंद्र को सिविल लाइन थाना स्थित पीवीआर के पीछे सोना देने के लिए बुलाया। जितेंद्र अपनी पत्नी शशिबाला के साथ पीवीआर पहुंच गया। वहां सचिन ने जितेंद्र से दो लाख रुपये ले लिए और कहा कि में अभी 10 मिनट में सोने के जेवरात लाकर देता हूं। उसके बाद सचिन वापस नहीं आया। उन्होंने फोन किया तो उसका फोन बंद आ रहा था। तब उनको ठगी का अहसास हुआ।

साइबर ठगी के शिकार पूर्व बैंक अधिकारी की रकम कराई वापस
मुरादाबाद। ठगी की एक घटना का पर्दाफाश सोमवार को साइबर थाने की टीम ने किया। पीड़ित पूर्व बैंक अधिकारी की शत प्रतिशत राशि वापस उसके खाते में जमा हो गई है। पुलिस की सफलता की असल वजह पीड़ित की तत्परता बताई जा रही है।

साइबर थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक 26 जुलाई को तहरीर मिली थी। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित चंद्र नगर निवासी विपुल कुमार सारस्वत एसबीआई के पूर्व प्रबंधक हैं। उनका खाता कटघर स्थित लाजपतनगर की एसबीआई शाखा में है। 25 जुलाई को एक कॉलर ने फ्रीचार्ज का झांसा देकर उनके खाते की गुप्त सूचनाएं ले लीं। फिर साइबर ठगों ने उनके खाते से सिलसिलेवार 1, 98, 451 रुपये निकाल लिया। पीड़ित ने तत्काल हेल्प लाइन नंबर 1930 पर सूचना दी। डीआईजी के आदेश पर साइबर थाने की टीम ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर तत्काल घटना की जांच शुरू की। 24 घंटे में पुलिस की तफ्तीश शुरू होने का प्रतिफल मिला। पूर्व प्रबंधक की चूक से साइबर ठगों के चंगुल में फंसी पूरी रकम खाते में दोबारा वापस करने में पुलिस को सफलता मिल गई।

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