लखनऊ : उपभोक्ता परिषद की मांग विदेशी कोयला खरीद प्रकरण की हो सीबीआई जांच
लखनऊ, अमृत विचार। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राज्यों के लिये विदेशी कोयला खरीदने की अनिवार्यता समाप्त करने के फैसले पर उप्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि पहले राज्यों पर विदेशी कोयला की खरीद करने के लिये दबाव बनाना और अब अनिवार्यता समाप्त करने के पीछे किसी साजिश का आभास हो रहा है। …
लखनऊ, अमृत विचार। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राज्यों के लिये विदेशी कोयला खरीदने की अनिवार्यता समाप्त करने के फैसले पर उप्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि पहले राज्यों पर विदेशी कोयला की खरीद करने के लिये दबाव बनाना और अब अनिवार्यता समाप्त करने के पीछे किसी साजिश का आभास हो रहा है। ऐसे में इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिये।
साथ ही उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह बीती 12 जुलाई को कोल इंडिया को दो महीने के लिये दी गई विदेशी कोयला खरीदने की सहमति को वापस ले। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बुधवार को कहा कि जिस प्रकार से पिछले लगभग 6 माह से देश में विदेशी कोयला खरीद कराने के लिए एक बड़ा दबाव बनाया गया। उससे सवाल उठता है कि किसको फायदा देने के लिए यह सब कुछ किया जा रहा था। जबकि लोकसभा व राज्यसभा में रोज किसी न किसी सवाल के जवाब में यह बात स्वीकार की जा रही है कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है, कोयले का उत्पादन बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद आज भी मानता है कि विदेशी कोयला के मामले में जिस प्रकार से फैसले किए गए उससे साफ है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश थी और इसकी सीबीआई जांच कराया जाना बहुत जरूरी है। गौरतलब है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा पिछले कई माह से राज्यों से लगातार आयातित कोयला खरीदने के लिये कहा जा रहा था।
उप्र. सरकार ने बीती 20 मई को आयातित कोयला खरीदने से इनकार कर दिया था लेकिन बाद में कोल इंडिया द्वारा राज्य के आवंटित कोयले की आपूर्ति में कमी किये जाने पर प्रदेश सरकार ने बीती 12 जुलाई को दो माह के लिये करीब 5.46 लाख मीट्रिक टन विदेशी कोयला खरीदने के लिये कोल इंडिया को अपनी सहमति दे दी थी।
यह भी पढ़ें –कश्मीरी किशोर रामपुर से गायब, होटल मालिक समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
